द फॉलोअप टीम, रांची:
पत्रकारों का प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन किया जाएगा। झारखंड सरकार ने ये घोषणा की है। सरकार ने इस आलोक में एक चिट्ठी भी निकाली है। प्रदेश के सभी जिलों में उपायुक्त को निर्देश दिया गया है कि पत्रकारों को प्राथमिकता सूची में रखते हुए उनको वैक्सीन लगाया जाये। इससे पहले भी सरकार ने एक आदेश जारी किया था। उसमें 45 वर्ष से अधिक आयु के पत्रकारों के वैक्सीनेशन की बात कही गयी थी।
सरकार के फैसले की हुई थी आलोचना
हेमंत सरकार की तरफ से पहले जो घोषणा की गयी थी उसके मुताबिक 45 वर्ष से अधिक आयु के पत्रकारों को वैक्सीन दिए जाने की बात थी। चूंकि 45 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को पहले ही प्राथमिकता से वैक्सीन लगाई जा रही है। ऐसे में सरकार के फैसले की खूब आलोचना हुई थी। पत्रकारों की तरफ से कहा गया कि ये शब्दों में उलझाने की कोशिश की गयी है। अब सरकार ने उसमें बदलाव किया गया है।
जिला उपायुक्तों को दिया गया जरूरी निर्देश
सरकार द्वारा जारी नए आदेश में उपायुक्तों का आदेश दिया गया है कि महामारी से बचाने के लिए एकमात्र माध्यम टीकाकरण है। पत्रकार सूचनाओं को संग्रह करने और उसको प्रचारित-प्रसारित करने के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उनके संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। सभी पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दिया जाये ताकि वे निर्भीक होकर अपना का कर सकें।
प्रदेश में हो चुकी है कई पत्रकारों की मौत
गौरतलब है कि बीते काफी दिनों से इस बात की मांग की जा रही थी कि पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन वर्कर्स माना जाये। प्राथमिकता के आधार पर पत्रकारों को टीका लगाया जाए। कांग्रेस और बीजेपी सहित कई अन्य पार्टियों के नेताओं ने भी मांग की थी कि पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स माना जाये। बता दें कि प्रदेश में आधा दर्जन से ज्यादा पत्रकारों की मौत कोरोना से हो चुकी है। कई अभी भी बीमार हैं।