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घड़ियाल बनकर सामने आया ओसामा बिन लादेन! 80 लोगों को जिंदा गटक गया

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द फॉलोअप टीम, डेस्क:
अलकायदा आतंकवादी ओसामा ब‍िन लादेन के कहर से आज भी पूरी दुनिया खौफ खाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया में अभी भी एक ओसामा जिन्दा है जिसके कहर से एक देश बेहाल है। अब तक  'ओसामा' 80 इंसानों को कच्‍चा गटक गया है लेकिन मरने को तैयार नहीं है। युगांडा के लोगों के लिए यह काल बनकर आया है। हम बात कर रहे हैं ओसामा घड़‍ियाल की। जिसकी क्रूरता की वजह युगांडा के लुगांगा गांव में लोगों ने इसका नाम 'ओसामा' रखा है। लोग कहते है कि घड़‍ियाल के अंदर ओसामा बिना लादेन की आत्‍मा है। विक्‍टोरिया झील के तट पर बसे लुगांगा गांव के लोग ओसामा से खौफ खाते हैं। 



16 फुट का है ओसामा 
युगांडा की विक्‍टोरिया झील अफ्रीका की सबसे बड़ी झील है और दुनिया में इसका दूसरा स्‍थान है। इस झील को लोग ओसामा के कारण ज्यादा जानते हैं।  75 साल और 16 फुट का घड़‍ियाल ओसामा अब तक 80 लोगों को कच्‍चा चबा चुका है। लुगांगा गांव के लोगों का इस घड़ियाल ने जीना हराम कर के रखा है। साल 1991 से लेकर 2005 के बीच ओसामा घड़‍ियाल गांव की 1/10 फीसदी आबादी को कच्‍चा चबा गया।  झील से पानी लाने जाने वाले बच्‍चों को ओसामा झपट्टा मारकर पकड़ लेता था। मछली पकड़ने वाली नौकाओं के नीचे जानबूझकर जाता था और उसे डूबोकर उसके अंदर बैठे इंसानों को खा जाता था।



क्रूरता के कारण ओसामा नाम है 
घड़‍ियाल की क्रूरता के कारण गांव के लोगों ने ओसामा बिन लादेन के नाम पर उसका नाम ओसामा  रख दिया। ओसामा के खौफ का असर यह था कि कई ग्रामीण उसके डर से रात को उठ जाते थे और भगवान से जान की रक्षा करने की गुहार लगाते थे।  वर्ष 2005 में ओसामा को पकड़ने में सफलता हाथ लगी।  सात दिनों तक चले खोज अभियान के दौरान ओसामा 50 ग्रामीणों के जाल में फंस गया। ग्रामीणों ने गाय के फेफड़ों को खाने का लालच दिया और ओसामा फंस गया। ग्रामीणों ने उसे मजबूत रस्‍सी की मदद से बांधा और पिकअप पर लाद दिया। ग्रामीण उसे मारना चाहते थे लेकिन युगांडा सरकार में इसकी अनुमति नहीं है। अधिकारियों ने युगांडा के घड़‍ियाल प्रजनन केंद्र को दे दिया गया। उन्‍हें उम्‍मीद थी कि इस घड़‍ियाल से कई विशालकाय घड़‍ियाल पैदा होंगे और उनके चमड़े को हैंडबैग बनाने के लिए इटली और दक्षिण कोरिया को निर्यात किया जा सकेगा। ओसामा के आने के बाद से अब प्रजनन केंद्र पर पर्यटकों का ताता लगा रहता है।