द फॉलोअप टीम, दुमका:
दुमका के मसलिया प्रखंड की डुमरिया पंचायत के घुरमुंदनी गांव में दस दिन पहले 4.50 लाख से बनकर तैयार हुई सोलर जलमीनार चालू होने के तीन दिन बाद ही रिसने लगी। निर्माण कार्य में बरती गई अनियमितता से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को प्रदर्शन कर जलमीनार ठीक कराने की मांग की।
20 पहाड़िया परिवार के लिए बनी जलमीनार
गांव के 20 पहाड़िया परिवार को पानी देने के लिए दस दिन पहले ही जलमीनार का निर्माण कराया गया था। विभागीय अभियंता के निर्देश पर सात दिन पहले ही गांव के तिरू पहाड़िया ने नियमपूर्वक पूजा कर इसे चालू किया था। चालू होने के साथ इसमें रिसाव भी होने लगा। टंकी के चारों ओर से बूंद-बूंद पानी टपकने लगा।
जलमीनार को ठीक कराने का भरोसा दिया
ग्रामीण रघु पहाड़िया का कहना है कि विभागीय लापरवाही की वजह से घटिया कार्य हुआ है। अगर मरम्मत कर इसे चालू नहीं कराया गया, तो विवश होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा। पेयजल स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता रामकुमार उरांव ने बताया कि कहीं- कहीं नई सीमेंट की टंकी से पानी गिर रहा है, इसकी जांच की जाएगी। यदि ठीक नहीं हुई तो नए सिरे से इसका निर्माण कराया जाएगा। संवेदक ने भी आकर ग्रामीणों को भरोसा दिया कि जल्द मरम्मत करा दी जाएगी। विभागीय लापरवाही के कारण गांव के लोग टंकी की बजाय कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। मीना देवी का कहना है कि टंकी के अभाव में गंदे पानी का सहारा लेना पड़ रहा है। लाखों की लागत से बनी टंकी शुरू होने के साथ ही रिसने लगी। इसके बाद जलापूर्ति बंद करनी पड़ी।