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विष्णु भगवान के नाम पर रखा गया था ऋषिकेश’ का नाम ‘हृषीकेश’

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द फॉलोअप टीम, देहरादून:
हिमालय की गोद में बसा प्राचीन नगर ऋषिकेश। हरिद्वार से 25 किमी उत्तर में और देहरादून से 43 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित यह नगर सनातनी आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री का इसे प्रवेशद्वार माना जाता है। कहा जाता है कि समुद्र तल से 1360 फीट की ऊंचाई पर स्‍थित इस जगह ध्यान लगाने से मोक्ष प्राप्त होता है। विदेशी भी यहाँ आध्यात्मिक सुख की चाह में आते हैं। हिंदी के वरिष्ठ् पत्रकार ओम थानवी ने इधर लिखा है कि ऋषिकेश नाम अपभ्रंश है, इस अध्यात्मिक नगरी का नाम ‘हृषीकेश’ रखा गया था, जो विष्णु भगवान का ही एक नाम है।



क्या लिखते हैं ओम थानवी 
सुरेश पंत जी भाषाशास्त्री हैं। भाषिक बारीकियाँ समझाते हैं। मैं उनसे मशविरा करता रहता हूँ। अपनी एक पोस्ट में उन्होंने ध्यान दिलाया है कि ‘ऋषिकेश’ सही प्रयोग नहीं। ‘हृषीकेश’ लिखना चाहिए। 
“भारत के प्रसिद्ध तीर्थों में एक ऋषिकेश भ्रामक व्युत्पत्ति /लोकव्युत्पत्ति (folk etymology) का अनूठा उदाहरण है, जो तत्सम शब्द लगता है, पर है नहीं। ‘ऋषि’ और ‘केश’ दोनों से इसका कोई लेना-देना नहीं। शुद्ध शब्द है — हृषीकेश। हृषीक (हृष् +ईकक्) + ईश।
‘हृषीकेश’ विष्णु का एक नाम है। विष्णुसहस्रनाम में पर्याय हैं:  ‘हृषीकेशः अमरप्रभु: ...’



हृषीकाणीन्द्रियाण्याहुस्तेषामीशो यतो भवान्।
हृषिकेशस्ततो विष्णु: ख्यातो देवेषु केशव।।
~महाभारत”