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भीमा-कोरेगांव हिंसा: एनआईए ने स्टेन स्वामी सहित 8 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया, स्वामी को 9 अक्टूबर की रात ही हिरासत में लिया गया था

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द फॉलोअप टीम, मुंबई :
महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में शुक्रवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 8 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। जानकारी के मुताबिक, एनआईए ने आनंद तेलतुंबडे, गौतम नवलखा, हनी बाबू, सागर गोरखे, रमेश गायक, ज्योति जगताप, स्टेन स्वामी और मिलिंद तेलतुंबडे सहित 8 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। एनआईए ने स्टेन स्वामी को गुरुवार की रात में हिरासत में लिया था।

स्टेन स्वामी ने अपनी संलिप्तता से इंकार किया है
इस मामले में पूछताछ के लिए एनआईए ने रांची के रहनेवाले मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी को गिरफ्तार किया था। एनआईए द्वारा इससे पहले की गई पूछताछ में स्वामी ने भीमा-कोरेगांव में किसी तरह की अपनी संलिप्तता से इनकार किया था। स्वामी पर माओवादियों से संबंध होने के आरोप लगते रहे हैं। भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में भी उनका नाम सामने आया था।

स्टेन स्वामी केरल निवासी हैं
बता दें कि फादर स्टेन स्वामी मूल रूप से केरल के रहने वाले हैं। वे झारखंड में लंबे अरसे से रहकर आदिवासियों और वंचित समाज के लिए काम करते रहे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एनआईए की प्रवक्ता एवं पुलिस उप महानिरीक्षक सोनिया नारंग ने कहा कि आरोपपत्र यहां एक अदालत के समक्ष दाखिल किया गया है। जांच के दौरान आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

क्या है पूरा मामला?
साल 2018 में भीमा-कोरेगांव युद्ध का 200वां साल था। ऐसे में इस बार यहां भारी संख्या में दलित समुदाय के लोग जमा हुए थे। जश्न के दौरान दलित और मराठा समुदाय के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान इस घटना में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इस बार यहां दलित और बहुजन समुदाय के लोगों ने एल्गार परिषद के नाम से शनिवार वाड़ा में कई जनसभाएं कीं। जनसभा में मुद्दे हिंदुत्व राजनीति के खिलाफ थे। इस मौके पर कई बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाषण भी दिए थे और इसी दौरान अचानक हिंसा भड़क उठी।