द फॉलोअप टीम, रांची : अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के निर्देशानुसार केंद्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में पास किए गए काले कानून के खिलाफ कांग्रेस की ओर से 10 अक्टूबर को देशभर में किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस क्रम में राजधानी रांची में भी सोशल डिस्टेसिंग को लेकर किसान सम्मेलन आयोजित करने की सभी तैयारियां आखिरी चरण में है।
मानस सिन्हा कर रहे हैं मॉनिटरिंग
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में आज हुई बैठक में किसान सम्मेलन को लेकर आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। किसान सम्मेलन में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आ रहे किसान नये काले कानून के प्रावधानों के खिलाफ संघर्ष पर चर्चा करेंगे। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा पूरे सम्मेलन की मोनिटरिंग कर रहे हैं।
'मंत्री के आवास पर होगा किसान सम्मेलन'
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया कि किसान सम्मेलन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा रामेश्वर उरांव के डिप्टी पाड़ा स्थित आवासीय कार्यालय में सम्पन्न होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए कार्यक्रम का स्वरुप थोड़ा छोटा जरुर कर दिया गया है, लेकिन किसानों के खिलाफ काले कानून को लेकर आन्दोलन जारी रहेगा। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित नये कृषि विधेयकों से किसानों की आजादी खतरे में पड़ जाएगी। भंडारण की सीमा को खत्म कर जमाखोरी बढ़ाने और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से पूंजीवाद को बढ़ावा देने के केंद्र के फैसले से किसान को भारी नुकसान होगा।
किसानों का रांची पहुंचना शुरू
किसान सम्मेलन में भाग लेने के लिए सूबे के जिलों से किसान प्रतिनिधियों का पहुंचना शुरु हो गया है। कार्यक्रम स्थल पर रजिस्ट्रेशन भी कराये जाऐंगे एवं किसानों के दृष्टिकोण से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा। कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम, मंत्री बादल पत्रलेख, बन्ना गुप्ता और किसान सम्मेलन में भाग लेने आ रहे किसान प्रतिनिधियों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।