द फॉलोअप टीम, रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की एसपीवी प्रेझा फाउंडेशन द्वारा संचालित चान्हो नर्सिंग कौशल कॉलेज के छात्राओं के बीच झारखण्ड मंत्रालय में बुधवार को नियुक्ति पत्र बांटे। इस मौके पर मुख्यमंत्री व मंत्रीगण ने प्रशिक्षण प्राप्त 35 नर्सों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मानव सेवा के जरिये 111 युवतियां आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
'स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभायें'
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने हुनरमंद नर्सों से कहा कि आपका प्रशिक्षण पूरा हुआ, जिसकी परिकल्पना आप सभी ने की थी, वह भी पूर्ण हुआ। आपके जीवन में बतौर नर्स नवजीवन का शुभारंभ हो रहा है। यह सुखद है कि आप सभी पढ़-लिखकर झारखण्ड के अतिरिक्त देश के विभिन्न राज्यों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई कड़ी के रूप में जुड़ कर महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगी।
'अलग पहचान बनाने का प्रयास करें'
मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची के चान्हो के अतिरिक्त चाईबासा, सरायकेला, साहेबगंज में भी बच्चियों को नर्सिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्द वहां की भी हुनरमंद बच्चियां आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होंगी। आनेवाले समय में स्वास्थ्य के क्षेत्र में झारखण्ड की बच्चियां अलग पहचान बनायेंगी, यह हमारा विश्वास है।
'एचडीएफसी बैंक की भूमिका भी सराहनीय'
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेझा फाउंडेशन ने स्वास्थ्य सेवा में कड़ी जोड़ने का कार्य किया है। कोरोना संक्रमण के दौर में प्रेझा द्वारा विश्व स्तरीय लेबोरेटरी की स्थापना की गई। कई युवक-युवतियों को अवसर प्रदान कर उनकी बेहतरी के लिए कार्य किया है। इस प्रशिक्षण को पूर्ण कराने में एचडीएफसी बैंक की भूमिका भी सराहनीय है।
चंपई सोरेन ने कहा-बेहतरी का प्रयास करना होगा
मंत्री अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में बच्चियों को प्रशिक्षण देने का कार्य निरंतर संचालित है। इसे और बेहतर करना है, ताकि गरीब परिवार की बच्चियों को अवसर मिले और वे आत्मनिर्भर बन सकें। इन छात्राओं को सेवा करने का अवसर मिलेगा। बता दें कि 60 नर्स अपोलो ग्रुप, 31 नर्स नाइन क्लाउड हॉस्पिटल एवं 20 नर्स मेदांता व अन्य अस्पतालों से जुड़ेंगी।