द फॉलोअप टीम
रांची - सोशल साइट्स पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व गोड्डा के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की लड़ाई अब कानूनी दांव-पेंच की ओर बढ़ती हुई दिख रही है. ताज़ा मामला मंगलवार का है जब निशिकांत दुबे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गंभीर आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र के गृह मंत्री को लिखे पत्र को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया. सांसद ने मुम्बई में साल 2013 के एक पुराने मामले को फिर से खोलने का आग्रह किया है. इस आरोप के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सोशल साइट्स पर पलटवार करते हुए निशिकांत दुबे को 48 घंटे के भीतर क़ानूनी रूप से जवाब देने की बात कही है. साथ ही सांसद को कहा है कि देश और राज्यवासियों को 'अपने आचरण के अनुरूप' गुमराह करना बंद करें. मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाने के बाद झामुमो ने भी सांसद को जवाब दिया है.
क्या है मामला ?
गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने 7 बजे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने झारखण्ड के मुख्यमंत्री पर 2013 में मुंबई में दर्ज हुए एक मामले की जाँच फिर से शुरू करने को लेकर पत्र लिखा है. सांसद के इस आरोप और पत्र के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पलटवार किया "माननीय सांसद @nishikant_dubey जी ने मुझ पर कुछ आरोप लगायें हैं। माननीय सांसद जी इसका जवाब आपको अगले 48 घंटे में कानूनी रूप से दिया जायेगा. देश और राज्यवासियों को 'अपने आचरण के अनुरूप' गुमराह करना बंद करें."
झामुमो ने लिखा
झामुमो ने ट्वीट करते हुए लिखा "जबसे माननीय सांसद श्री @nishikant_dubey के कुकर्मों की परत दर-परत खुल जनता के समक्ष सामने आने लगे है तो कभी एक असहाय व्यक्ति को अपने पैर की धोवन पिलाने से गुरेज़ ना करने वाले सांसद महोदय दूसरों पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं. वैसे सांसद महोदय, आप खुद को इतना विद्वान, ज्ञानी एवं काबिल समझते हैं तो फिर आपकी डिग्री फ़र्ज़ी कैसे है ? और इन फ़र्ज़ी डिग्रियों के बल पर आपने जिन जिन कमेटियों में बैठ देश की नीतियों का बँटाधार किया है, जनता को धोखा दिया है - उसके लिए क्यूँ ना आप पर क़ानूनी कार्रवाई हो."
झामुमो और सांसद में कई पखवाड़े से चल रहा ट्विटर वार
गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के बीच सोशल साइट्स खासकर ट्विटर पर आरोप - प्रत्यारोप पिछले कई दिनों रहा है. आरोप पहले कोलकाता के 22 मंजिला ईमारत से शुरू हुआ. उसके बाद मामला अमित अग्रवाल से होते हुए आरोप फर्जी डिग्री से होते हुए मुम्बई तक जा पहुंचा। झामुमो ने सांसद के चार्टेड प्लेन से घूमने का मुद्दा उठाया तो सांसद ने झामुमो के कई लोगों के विदेश घूमने के टिकट चिपकाने की बात कही.