द फॉलोअप टीम, रांची : झारखंड सरकार राज्य के 8 लाख किसानों की ऋणमाफी की तैयारी में है। इसके लिए वित्तीय वर्ष में 2000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि एवं पशुपालन मंत्री बादल पत्रलेख ने प्रेस वार्ता में बुधवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर सीएम हेमंत सोरेन से सहमति मिल चुकी है।
ऋणमाफ़ी संबंधी प्रक्रियाएं बिंदुवार तय होंगी
जानकारी के अनुसार इस मसले पर जल्द ही विभागीय बैठक होगी। इसके बाद ऋण माफ़ी संबंधी प्रक्रियाओं को बिंदुवार तय करके सूचना जारी कर दी जायेगी। पहले चरण में उन किसानों को लाभ मिलेगा, जिन्होंने अप्रैल 2019 से मार्च 2020 के बीच लोन लिया है। अगले चरण में और भी किसानों को इसमें शामिल किया जायेगा।
134 लाइसेंसधारकों के लाइसेंस कैंसिल किए गए
कृषि मंत्री ने कहा कि यूरिया की कालाबाजारी की शिकायत पर 1632 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया था। अनियमितता पाए जाने के बाद 134 लाइसेंसधारकों लाइसेंस कैंसिल कर दिया गया। वहीं 15 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसके विपरीत 2017 से 2019-20 में दुकानदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सूबे में 4072 खाद यूरिया के खुदरा विक्रेता हैं।
14 जिलों में कोल्ड स्टोरेज बनेंगे
बताया गया कि राज्य के 14 जिलों में जल्द 5000 मैट्रिक टन की क्षमतावाले कोल्ड स्टोरेज बनेंगे। कृषि विभाग राज्य में 3000 नए कृत्रिम गर्भाधान सेंटर शुरू करेगा। कहा गया कि इसी वित्तीय वर्ष में सरायकेला-खरसांवा में भी कोल्ड स्टोरेज बनाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए वित्तीय अनुमोदन मिल गया है। वहीं पलामू और साहेबगंज में डेयरी प्लांट के निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
किसानों को मात्र 70 करोड़ का ही लाभ क्यों
कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में फसल बीमा कंपनियों को जनता के पैसे से 477 करोड़ रुपए दिए गए हैं, जबकि किसानों को मात्र 70 करोड़ का ही लाभ मिला है। बीमा कंपनियों को से क्लेम का एफिडेविट देने का निर्देश दिया गया है।