द फॉलोअप टीम, लातेहार : अभी चंद दिनों पहले लातेहार से 14 नाबालिगों को रेस्क्यू करने के बाद बुधवार को फिर लातेहार के ही बालूमाथ थाना क्षेत्र के डाढा गांव के नावाबांध से 31 लड़कियों का रेस्क्यू किया गया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक तमिलनाडु नम्बर की बस में सवार 31 लड़कियों का रेस्क्यू किया है। जानकारी के अनुसार सभी लड़कियों को धागा फैक्ट्री में नौकरी का लालच देकर लातेहार से चेन्नई ले जाया जा रहा था। रेस्क्यू की गई लड़कियों में नौ नाबालिग हैं।
कोई कागजात नहीं मिले
इस सम्बंध में सीओ रवि कुमार ने बताया कि लातेहार, लोहरदगा, रांची, सिमडेगा सहित कई जिलों से लड़कियों को चेन्नई के कृष्णा कपड़ा मिल ले जाया जा रहा था। जिसमें 9 नाबालिग लडकियां हैं। वहीं बस में से लड़कियों को ले जाने सम्बंधित कोई भी कागजात नहीं पाये गये। इसके अलावा फैक्टरी का भी कोई पेपर नहीं मिला है।
दलाल शिवा उरांव का नाम सामने आया
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लड़कियों को चेन्नई ले जाने में बालूमाथ के रहनेवाले दलाल शिवा उरांव नाम के व्यक्ति का नाम सामने आया है, जो इन लड़कियों 9 हजार रुपए प्रतिमाह देने का वादा कर ले जा रहा था। पुलिस ने बस के चालक और उपचालक को भी पकड़ा है। लेकिन दोनों को हिंदी नहीं आती है। मामले की छानबीन जारी है। लड़कियों को बालूमाथ स्थित कस्तूरबा बालिका स्कूल में रखा गया है।