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2 हजार रुपये से ज्यादा UPI ट्रांजेक्शन पर लगेगी फीस, विपक्ष के दावों पर भाजपा का जवाब आ गया

2 हजार रुपये से ज्यादा UPI ट्रांजेक्शन पर लगेगी फीस, विपक्ष के दावों पर भाजपा का जवाब आ गया

रांची
 2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगने की खबर गलत है। विपक्ष यानी कांग्रेस के इस दावे का भाजपा नेता की ओर से जवाब आया है। इस संबंध में कांग्रेस पार्टी के पोस्ट का हवाला देते हुए झारखंड के कांग्रेस नेता कुणाल षाड़ंगी ने पोस्ट किया था। इसका जवाब देते हुए भाजपा नेता अमित मालवीय ने एक पोस्ट किया है, जिसमें 2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगने के दावे को गलत बताया गया है। कुणाल षाड़ंगी ने अपने पोस्ट में लिखा कि विश्वगुरु जी के आशीर्वाद से अब 2000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर शुल्क लगाने का रास्ता साफ हो गया है। पहले किसी भी UPI भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगता था। लेकिन सरकार ने कल रात अधिसूचना जारी कर दी है कि 2000 तक UPI भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। 2000 रुपये से ज्यादा भुगतान पर आखिरकार देना तो ग्राहक को ही पड़ेगा।

कांग्रेस नेता कुणाल षाड़ंगी ने क्या कहा था ?
उन्होंने आगे कहा कि आज भी कई जगह क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर अतिरिक्त पैसा मांगा जाता है। अब वैसा ही UPI से भी होगा। दुकानदार अपनी जेब से कहां से देगा? जाहिर है या तो हम नकद देंगे या फिर जो अतिरिक्त पैसा लगेगा, वो देना होगा। फिर डिजिटल क्रांति का क्या होगा? वहीं, भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस के दावे को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि 2,000 रुपये से ऊपर UPI पर 0.5 प्रतिशत कर लगने का कांग्रेस का दावा पूरी तरह झूठा है। अमित मालवीय ने कहा कि 5,000  रुपये के भुगतान पर 25 और 10,000  रुपये पर 50 रुपये वसूले जाएंगे, ऐसा कोई सरकारी आदेश, कर या उपभोक्ता शुल्क नहीं है। 14 सितंबर की अधिसूचना ने सिर्फ 2,000 रुपये तक के UPI और RuPay लेनदेन पर शून्य शुल्क की व्यवस्था को स्पष्ट किया है। 2,000 रुपये से ऊपर के UPI भुगतान पर 0.5 प्रतिशत शुल्क तय नहीं किया गया है।

UPI उपयोगकर्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है
उन्होंने कहा कि सबसे अहम बात यह है कि UPI उपयोगकर्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच होने वाले UPI लेनदेन किसी भी राशि पर मुफ्त हैं। सरकार ने साफ किया है कि यदि भविष्य में MDR लाया भी जाता है, तो वह सीमित कारोबारी लेनदेन पर होगा, उपभोक्ता पर नहीं। अमित मालवीय के मुताबिक, कांग्रेस जिन 25 और 50 रुपये की बात कर रही है, वे किसी सरकारी शुल्क सूची के आंकड़े नहीं, बल्कि एक काल्पनिक 0.5 प्रतिशत दर से निकाली गई मनगढ़ंत गणना हैं। उन्होंने कहा कि UPI को मुफ्त रखने के लिए सरकार खुद भुगतान व्यवस्था को प्रोत्साहन दे रही है। FY22 से FY24 तक ही सरकार ने 1,389 करोड़, 2,210 करोड़ और 3,631 करोड़ के प्रोत्साहन दिए। 2025-26 में भी 2,196.21 करोड़ का प्रोत्साहन दिया गया और FY27 के लिए 2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

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Tags - UPI UPI Transaction Amit Malviya Kunal Sarangi Congress