द फॉलोअप डेस्क
केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) ने आज बेंगलुरु स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR ) का दौरा किया। यहां किसानों, विद्यार्थियों व वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया। मुंडा ने इस दौरान कहा कि IIHR 54 बागवानी फसलों पर काम कर रहा है। साथ ही उत्तर-पूर्वी राज्यों सहित देशभर के किसानों के लाभ पहुंचा रहा है। संस्थान द्वारा उष्णकटिबंधीय (Tropical) फलों, सब्जियों व फूलों की फसलों सहित बागवानी फसलों की 300 से अधिक किस्में विकसित की गई हैं। संस्थान ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भी अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था में बागवानी का योगदान 33 प्रतिशत है, जिसे और आगे बढ़ाया जा सकता है, इसकी काफी संभावनाएं है।

भारत में बागवानी उत्पादन में काफी वृद्धि हुई
अर्जुन मुंडा ने आगे कहा कि हम न केवल घरेलू बाजार में बल्कि दुनिया के बाजारों में और बेहतर ढंग से अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। बागवानी क्षेत्र देश के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण घटक माना जा रहा है। यह क्षेत्र नए तरीके से अपनी आय बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। भारत में बागवानी उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2022-23 के दौरान 350 मिलियन टन हो गया है।

किसानों को किया अनुरोध
अर्जुन मुंडा ने कहा कि बागवानी उत्पादों के भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण, विपणन के महत्व को समझाया व किसानों को सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन का लक्ष्य रखने का अनुरोध किया। ताकि उनके उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें। मुंडा ने वैज्ञानिकों को अधिक से अधिक किसानों को अपनी प्रयोगशालाओं में लाने और नवीनतम अनुसंधान तकनीकों को उनके साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। इससे किसानों को उत्पादकता, पैदावार व आय को टिकाऊ तरीके से बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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