डेस्क:
शुक्रवार शाम जम्मू-कश्मीर(Jammu kashmir) में अमरनाथ(Amarnath) गुफा के पास बादल फटने के कारण अब तक 14 लोगों के मौत की पुष्टि हो गई है। वहीं ख़राब मौसम(Bad weather) के चलते अमरनाथ यात्रा पर फ़िलहाल अस्थायी रोक लगा दी गई है। कंट्रोल रूम(Control room) का कहना है कि राहत और बचाव कार्य(Rescue) अभी जारी है, इसलिए घायल और गायब हुए लोगों की असल संख्या(Exact number) के बारे में फ़िलहाल कुछ कहना मुश्किल है।हालांकि अधिकारियों ने पहले बताया था कि 30-40 लोगों की तलाश अभी जारी है। इससे पहले शुक्रवार की शाम क़रीब साढ़े पांच बजे अमरनाथ गुफा के नीचे बादल फटा था।

NDRF और SDRF की टीम मौके पर तैनात
लोगों को बचाने के लिए मौक़े पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ बचाव कार्य से जुड़ी तमाम एजेंसियां जुटी हुई हैं।ऑल इंडियो रेडियो से मिली जानकारी के मुताबिक बादल फटने के बाद आई बाढ़ के कारण पवित्र अमरनाथ गुफा के पास फंसे लोगों को पंजतरणी भेज दिया गया है।
उसके ट्वीट के अनुसार, ''लोगों को वहां से निकालने का काम शनिवार सुबह 3.38 बजे तक चला है. अब ट्रैक पर कोई भी यात्री नहीं हैं. अब तक 15 हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थानांतरित कर दिया गया है.'

हादसे पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ गुफा के नीचे बादल फटने की घटना के कारण हुई जान-माल की क्षति पर दुख जताया था। ट्विटर पर उन्होंने लिखा, "अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से परेशान हूं. शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है. मनोज सिन्हा (जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल) से बात करके स्थिति का जायज़ा लिया है और बचाव और राहत कार्य जारी है. प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जा रही है."वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी ट्वीट करते हुए लिखा "अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना और उसके कारण हुई लोगों की मौत की ख़बर से दुखी हूं. शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं." जानकारी के मुताबिक़ हादसे में मृत्तको की संख्या बढ़ने की प्रबल संभावना हैं।