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संकट में सरकार : ED के दबाव में पार्टी छोड़ने वाले सच्चे बालासाहेब भक्त नहीं, शिवसेना अब भी मजबूत- संजय राउत

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डेस्क: 

महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी है। शिवसेना में नंबर-2 की हैसियत रखने वाले एकनाथ शिंदे ने दावा किया है कि कम से कम 42 विधायक उनके साथ हैं। कुछ और विधायकों के भी उनके साथ जुड़ने की खबर है। यही नहीं, शिवसेना के कुछ सांसदों के भी बागी खेमे के साथ चले जाने की जानकारी मिल रही है। इस बीच, शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने बागी विधायकों पर तल्ख टिप्पणी की है और कहा है कि वे ना तो बालासाहेब के भक्त हैं और ना ही सच्चे शिवसैनिक हैं।

 

पार्टी छोड़ने वाले सच्चे बालासाहेब भक्त नहीं! 
संजय राउत ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि ईडी के दबाव में पार्टी छोड़ने वाले विधायक सच्चे बालासाहेब भक्त नहीं है। हम सच्चे बालासाहेब भक्त हैं। संजय राउत ने कहा कि हम पर भी ईडी का दबाव है लेकिन हम उद्धव ठाकरे के साथ खड़े रहेंगे। संजय राउत ने कहा कि जब फ्लोर टेस्ट होगा तो देखेंगे कि कौन सकारात्मक है और कौन नकारात्मक। खेमेबाजी के सवाल पर संजय राउत ने कहा कि मैं किसी खेमे की बात नहीं करूंगा। बल्कि पार्टी की बता करूंगा। संजय राउत ने कहा कि हमारी पार्टी आज भी मजबूत है। तकरीबन 20 विधायक हमारे संपर्क में है। जब वे मुंबई आएंगे तो पता चलेगा। 

 

शरद पवार के आवास पर बैठकों का दौर जारी
इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, राज्य के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल, मंत्री जयंत पाटिल और जितेंद्र अव्हाड एवं पार्टी नेता सुनील तटकरे के बीच बैठक चल रही है। ये बैठक एनसीपी प्रमुख शरद पवार के आवास पर हो रही है। इधर सूत्रों का कहना है कि असम के गुवाहाटी स्थित होटल रैडिसन ब्लू में एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र के कुल 42 विधायक मौजूद हैं। इसमें शिवसेना के 34 विधायक हैं जबकि 8 निर्दलीय विधायक हैं।

 

टूट की कगार पर पहुंच गई है उद्धव की शिवसेना
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब महाराष्ट्र में सवाल पार्टी छोड़ने का नहीं रह गया है बल्कि एकनाथ शिंदे ने तो बकायदा शिवसेना पर ही दावा ठोक दिया है। उन्होंने राज्यपाल के नाम एक लेटर जारी किया है जिसमें दावा किया है कि सबसे ज्यादा विधायक उनके साथ हैं।

एकनाथ शिंदे का कहना है कि शिवसेना महाराष्ट्र में एक बेमेल गठबंधन में है। जनता ने बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को सरकार बनाने के लिए बहुमत दिया था।

हमें उसी के साथ जाना चाहिये।