द फॉलोअप डेस्क:
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने दिल्ली (Delhi) में विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश में कई वर्षों से वोटों की चोरी हो रही है। इसके लिए उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक के चुनावों (Election) का जिक्र किया। राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम (EVM) और वोटर लिस्ट (Voter List) में नाम जोड़ने या हटाने के जरिए चुनावों को प्रभावित किया गया। राहुल गांधी ने दावा किया कि 2024 के चुनाव के बाद भारत के 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। उन्होंने इसे चुनाव की निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। राहुल गांधी ने कहा, "इसका मतलब है कि 2024 का चुनाव अवैध था। यह एक चुराया गया चुनाव था। मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं, बल्कि चुनाव आयोग ऐसा कह रहा है।" उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक के चुनावों में भी वोटों की चोरी हुई। राहुल गांधी के मुताबिक, ईवीएम के अलावा वोटर लिस्ट से नाम हटाने और नए नाम जोड़ने के जरिए भी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।

ज्ञानेश कुमार को लेकर की बड़ी टिप्पणी
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाएगा और वह जेल जाएंगे। राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा, "मैं जो भी कहता हूं, वह हमेशा सच साबित होता है, है ना? मैं भारत के हर नागरिक और हर युवा से कह रहा हूं कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटा दिया जाएगा। ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और अमित शाह गृह मंत्री नहीं बन पाते। राहुल गांधी ने संकेत दिया कि इस मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में किसानों, युवाओं और मजदूरों की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनका हक नहीं मिल रहा है और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। उनके मुताबिक, मजदूर भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की अधिकांश संपत्ति कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में केंद्रित होती जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था स्वीकार नहीं की जा सकती, जिसमें आम लोगों को उनके अधिकार न मिलें। उन्होंने किसानों, युवाओं और मजदूरों के हितों की रक्षा करने की बात कही।

नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने दावा किया था कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा रहे हैं। इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा, "मैं आपसे इसके उलट कह रहा हूं कि नरेंद्र मोदी कहीं जा ही नहीं सकते। अगर वह जाना भी चाहें, तो हम उन्हें जाने नहीं देंगे।" उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के बाद अब विपक्ष उनके सामने खड़ा होगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी, अमित शाह या ज्ञानेश कुमार से व्यक्तिगत रूप से नफरत नहीं करते। उन्होंने कहा कि विपक्ष नफरत की राजनीति में विश्वास नहीं करता, बल्कि मोहब्बत और अहिंसा के रास्ते पर चलता है। राहुल गांधी ने कहा, "मेरे लिए कोई दुश्मन नहीं है, न नरेंद्र मोदी, न अमित शाह और न ही ज्ञानेश कुमार। लेकिन भारत के हर नागरिक की आवाज मेरे लिए सबसे अहम है। यही मेरा धर्म है।" उन्होंने कहा कि विपक्ष न तो हिंसा का सहारा लेगा और न ही किसी को नुकसान पहुंचाएगा। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि संविधान की रक्षा करना जरूरी है और इसे किसी भी कीमत पर नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।

हर नागरिक की आवाज की रक्षा करने की बात कही
राहुल गांधी ने कहा कि देश में हर व्यक्ति की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने हिंदू, मुस्लिम, सिख, आदिवासी, दलित, महिलाओं और दिव्यांग लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी से नफरत करने के बजाय सभी से सीखना और प्रेम के साथ काम करना चाहिए। राहुल गांधी के मुताबिक, देश को फिर से प्यार और भाईचारे के रास्ते पर ले जाने की जरूरत है। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में ज्ञानेश कुमार को लेकर एक और टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त दबाव में हैं और रात को सो नहीं पाते। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की आवाज और उसकी आत्मा को दबाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य किसी व्यक्ति से दुश्मनी करना नहीं, बल्कि देश में प्यार और भाईचारे को मजबूत करना है। राहुल गांधी ने इस प्रदर्शन को किसी एक पार्टी या नेता का कार्यक्रम मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त विरोध है और देश की आवाज को उठाने का प्रयास है।