द फॉलोअप डेस्क:
नीट पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री माफी तक नहीं मांग रहे हैं। प्रधानमंत्री को दिल्ली पुलिस के कृत्य के लिए छात्रों से माफी मांगते हुए उनकी समस्याओं पर संवेदनशीलता से बातचीत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा शिक्षा प्रणाली के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। पूरा देश जानता है कि शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को दीमक की तरह खोखला कर दिया गया है। पीएम मोदी की चुप्पी संदेह उत्पन्न करती है। राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों के प्रदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक पर सदन के भीतर चर्चा नहीं कराना चाहती है।
असल बात यह है कि इस देश के युवाओं के साथ ऐसा बर्ताव करना बिलकुल गलत है। इस देश के युवाओं के पास अवसर नहीं हैं; सारे दरवाजे बंद हैं। छात्र न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था को लेकर बल्कि अपने भविष्य को लेकर भी शिकायत कर रहे हैं। वे अंबानी और अदानी, आरएसएस द्वारा शिक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह… pic.twitter.com/H3qwTOxUQN
— Ajay Jha (@Ajay_reporter) July 21, 2026
राहुल गांधी ने स्पीकर को आड़े हाथों लिया
राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर को भी आड़े हाथों लिया है। राहुल गांधी ने दावा किया कि वह छात्रों के प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज जैसे अमानवीय कृत्य और पेपर लीक को लेकर सदन में स्पीकर से चर्चा की मांग की तो कहा गया कि वह इस विष पर चर्चा के लिए सरकार से पूर्वानुमति लेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि क्या अब लोकसभा स्पीकर सदन में चर्चा कराने के लिए स्पीकर से इजाजत लेंगे। क्या यही डेमोक्रेसी है। राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार होना चाहिए, यही तो मांग है।

राहुल गांधी ने मांग लिया इन लोगों का इस्तीफा
20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना की निंदा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के साथ इस प्रकार का बर्ताव नहीं होना चाहिए। देश के युवाओं के पास कोई मौका नहीं है। सारे रास्ते बंद हैं। केवल प्रतियोगी परीक्षाओं का रास्ता खुला था, उसे भी बर्बाद कर दिया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि युवा केवल शिक्षा व्यवस्था के विषय पर ही नहीं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृहमंत्री अमित शाह और पीएम मोदी को इस्तीफा देना चाहिए।