द फॉलोअप डेस्क:
पेट्रोल औऱ डीजल बचाने की पीएम मोदी की अपील के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का काफिला सुर्खियों में है। नितिन नबीन आज उत्तराखंड पहुंचे और राजधानी देहरादून में उनको 35 गाड़ियों के काफिले के साथ सफर करते देखा गया। विपक्ष समेत आम लोगों ने भी इसपर सवाल उठाया है। लोगों का कहना है कि एक ओर तो प्रधानमंत्री आम लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने को कहते हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की बात करते हैं। विदेश यात्रा पर जाने से मना करते हैं।
Hello Modiji,
— ज़िद्दी नागरिक (@ZiddiNaagrik) May 28, 2026
Do you know some Nitin Nabin who was traveling in Dehradun in a convoy of 35 air-conditioned cars.
Naaah... Don't think he flouted your suggestions to avoid traveling, work from home, and save fuel. He used gaumutra-run cars instead of petrol/diesel ones. pic.twitter.com/pEyFLGNV1s
क्या भाजपा के नेता ढोंग करते हैं!
लोगों ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता, विधायक, मंत्री, सांसद कभी ई-रिक्शा, ऑटो, बस, बाइक और साइकिल से ऑफिस जाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर डालते हैं, वहीं सत्तारूढ़ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 35 गाड़ियों के बड़े काफिले के साथ यात्रा करते हैं। ऐसे में बीजेपी नेताओं का ईंधन बचाने को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा क्या केवल ढोंग है। कई लोगों ने तंज भी किया है कि पेट्रोल डीजल बचाने की अपील की बीच प्रोटोकॉल को ध्यान में रखकर नितिन नबीन के काफिले में केवल 35 वाहनों को शामिल किया गया है।

पीएम मोदी ने क्या अपील की थी!
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होने का हवाला देते हुए भारतीय नागरिकों से अपील की थी कि वे पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें। लोग इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करें, अन्यथा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से विदेश यात्रा टालने और सोना खरीदने से भी मना किया था। इस बीच कई सांसद, विधायक और मंत्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते नजर आए। ई-रिक्शा से ऑफिस जाते नजर आए। इस बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ी।