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राष्ट्रपति मुर्मू की मंजूरी से पूर्वी नागालैंड के 6 जिलों में स्वशासन का रास्ता खुला, असम पर ये होगा असर 

राष्ट्रपति मुर्मू की मंजूरी से पूर्वी नागालैंड के 6 जिलों में स्वशासन का रास्ता खुला, असम पर ये होगा असर 

द फॉलोअप डेस्क 
रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) ने ऐतिहासिक 'फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) बिल, 2026' को अपनी आधिकारिक मंजूरी (official approval) दे दी है। इसके साथ ही, नागालैंड के छह पूर्वी जिलों में प्रशासनिक स्वशासन (self-governance) का एक नया रास्ता खुल गया है। जानकारों का मानना है कि असम पर इसका राजनीतिक और प्रशासनिक असर (political and administrative impact) महत्वपूर्ण हो सकता है। सबसे अहम बात यह है कि यह व्यवस्था पूर्वी नागालैंड के लोगों की लंबे समय से चली आ रही अधिक स्वायत्तता (greater autonomy) और विकास की मांग को संस्थागत रूप (institutional framework) देती है। इससे असम में भी क्षेत्रीय स्वायत्तता (regional autonomy), सीमावर्ती विकास (border area development) और केंद्र-राज्य संबंधों (Centre-State relations) पर बहस को नया संदर्भ मिल सकता है।

मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने राष्ट्रपति का आभार जताया

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी देते हुए, नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने राष्ट्रपति और केंद्रीय गृह मंत्रालय का आभार जताया। उन्होंने इस लंबे समय से प्रतीक्षित विधायी प्रक्रिया को पूरा करने में सहयोग के लिए उनका धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री रियो ने कहा, "यह पूर्वी नागालैंड के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है।" 3 सितंबर को नागालैंड विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हुए इस कानून के तहत, 46 अलग-अलग सार्वजनिक विषयों पर व्यापक विधायी, कार्यकारी और वित्तीय स्वायत्तता दी गई है।

ये जिले आये फैसले के दायरे में 

इस नई FNTA व्यवस्था में मोन, तुएनसांग, लोंगलेंग, किफिरे, नोकलाक और शमाटोर जिले शामिल हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371A के तहत मिलने वाले विशेष संरक्षणों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई इस अथॉरिटी में 62 सदस्यों वाली एक गवर्निंग बॉडी होगी। इसमें सीधे चुने गए 40 प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिनमें से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। उपमुख्यमंत्री यांथुंगो पैटन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे समान विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। अब राज्य सरकार एक औपचारिक गजट नोटिफिकेशन जारी करेगी, जिसके जरिए एक साल के लिए एक 'अंतरिम परिषद' (interim council) बनाई जाएगी। यह परिषद इस क्षेत्र को शासन के इस नए दौर में आगे ले जाने में मार्गदर्शन करेगी।


 

Tags - Nagaland FNTA Murmu Governance Autonomy