द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
लोहरदगा जिले के भंडरा थाना क्षेत्र के धनामुंजी गांव में रविवार रात एक नवविवाहित दंपति की आग से झुलसने के बाद मौत हो गई। मृतकों की पहचान गांव निवासी लोथे उरांव के 25 वर्षीय पुत्र अजित उरांव और उसकी 20 वर्षीय पत्नी बाल्मीकि उरांव के रूप में हुई है। बताया जाता है कि रात करीब आठ बजे अजित ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद पति-पत्नी एक ही कंबल में लिपट गए और कंबल पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। कमरे से आग की लपटें उठती देख परिजन घबरा गए और शोर मचाने लगे। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचने पर दोनों गंभीर रूप से झुलसे मिले। परिजन उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से भंडरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां इलाज के दौरान अजित की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसी बाल्मीकि को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया। रिम्स में इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।

एक साल पहले हुई थी शादी
ग्रामीणों के अनुसार, अजित और बाल्मीकि की शादी करीब एक साल पहले हुई थी और उनकी कोई संतान नहीं थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि अजित मानसिक रूप से कमजोर था और नशे का सेवन भी करता था। ग्रामीणों के मुताबिक, वह अक्सर अकेला रहता था। हालांकि, परिवार में किसी बड़े विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है। प्रारंभिक तौर पर मानसिक तनाव को घटना की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन पति-पत्नी की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हुई हैं। घटना के बाद धनामुंजी गांव में शोक का माहौल है और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय मुखिया सुमित उरांव और भंडरा थाना प्रभारी मनोज गुप्ता पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों के बयान दर्ज किए। थाना प्रभारी मनोज गुप्ता के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दंपति ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।