द फॉलोअप डेस्क:
पीएम मोदी ने बंगाल चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे बदले की जगह बदलाव लाने के संकल्प के साथ प्रदेश की सेवा में जुट जाएं। उन्होंने सभी दलों के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे राजनीतिक प्रतिद्वंदिता को व्यक्तिगत रंजिश का मसला ना बनाते हुए हिंसा से दूरी बनाएं। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल को अब भय, हिंसा और तुष्टिकरण की राजनीति से बाहर लाने का वक्त आ गया है। पीएम ने कहा कि बंगाल में अब विकास और सकारात्मक बदलाव के संकल्प के साथ काम होगा।
उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव में हिंसा की वारदातें अब इतिहास हैं। इसकी पुनरावृति ना हो, सभी दलों को इसका ध्यान रखना होगा। उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं से भी यही आह्वान किया।

हिंसा के अंतहीन चक्र को खत्म करें सियासी दल!
पीएम मोदी ने कहा कि याद कीजिए कि कैसे बंगाल चुनाव से हिंसा की खबरें आती थीं। हिंसा, भय और निर्दोष लोगों की मौत बंगाल में चुनावी राजनीति की पहचान बन गया था। हालांकि, देश ने अबकी नई खबर सुनी कि पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि बंगाल में ऐसा पहली बार हुआ है कि चुनावी हिंसा में किसी निर्दोष व्यक्ति की जान नहीं गई। लोकतंत्र के इस महापर्व में बंदूक की आवाज नहीं आई, बल्कि जनता जनार्दन की आवाज गूंजी। उन्होंने कह कि बंगाल में पहली बार भय नहीं, बल्कि लोकतंत्र जीता है। बंगाल में अब समृद्धि आएगी।

बंगाल चुनाव की हिंसा में कई जिंदगियां तबाह हुईं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बंगाल जब परिवर्तन के नए दौर में प्रवेश कर रहा है तो मेरी सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि प्रदेश में चुनावी हिंसा की आदतों में बदलाव लाना होगा। प्रदेश में बीते दशकों में राजनीतिक हिंसा में कई जिंदगियां बर्बाद हुई हैं। उन्होंने कह कि बीजेपी जीती है तो बदला नहीं, बल्कि बदलाव की बात होनी चाहिए। भय की जगह भविष्य की बात होनी चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि हिंसा के अंतहीन चक्र को खत्म किया जाए।