द फॉलोअप डेस्क
असम के जोरहाट में जान गंवाने वाले लेफ्टिनेंट शुभम के परिवार को अनुग्रह राशि के रूप में बिहार सरकार ने 21 लाख रूपये का चेक दिया, ये चेक शहीद की पत्नी बता कर एक युवती ले गई। इस पर शहीद के पिता ने सवाल उठाये हैं। बता दें कि 13 जून को, असम के जोरहाट में भारतीय वायु सेना का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें पांच सैनिक शहीद हुए थे। उनमें फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार भी शामिल थे। बिहार सरकार की ओर से श्रेया राय को 21 लाख रुपये का चेक सौंपा गया। श्रेया ने चेक लिया और अपने पति के श्राद्ध संस्कार से पहले ही अपने घर चली गईं।
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शुभम और श्रेया की शादी अगले साल होने वाली थी
असल में, शुभम और श्रेया की शादी अगले साल होने वाली थी। दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी, लेकिन शुभम के परिवार को इसकी जानकारी नहीं थी। इसलिए, कानूनी तौर पर सरकार ने श्रेया को शुभम की पत्नी माना और उन्हें सहायता राशि दी। शुभम के पिता अमरेंद्र शर्मा कहते हैं, "अगर मेरे बेटे ने सच में श्रेया से शादी की थी, तो वह मेरी बहू है और चेक पाने की हकदार भी है, लेकिन उसे एक पत्नी के तौर पर अपने फर्ज भी निभाने चाहिए थे। उसने चेक लिया और अपने पति के श्राद्ध संस्कार से पहले ही अपने घर चली गई।"
