द फॉलोअप डेस्क:
महाराष्ट्र के सिंदेवाही तालुका में बाघ ने हमला करके एक साथ 4 महिलाओं को मार डाला। मृतकों की पहचान कवदुबाई मोहुर्ले, अनुबाई मोहुर्ले, संगीता चौधरी और सुनीता मोहुर्ले के रूप में हुई है। इस वर्ष वन्यजीवों के साथ संघर्ष में जनहानि की यह सबसे बड़ी और वीभत्स घटना है। बाघ ने महिलाओं पर उस समय हमला किया, जब वे लोग तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल में गई थीं। बताया जाता है कि तेंदूपत्ता तोड़ रही महिलाओं पर झाड़ियों में छिपे बाघ ने हमला कर दिया। वन विभाग और पुलिस की टीम आदमखोर बाघ की तलाश में जुटी है। पूरी घटना महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिला स्थित सिंदेवाही तालुका के गुंजेवाही पवनपार गांव की है।
#WATCH | Chandrapur, Maharashtra: On four women killed in Tiger attack, Chief Conservator Forests, Manikanda Ramanujam says, "... Yesterday around 7 and 8 PM this accident occurred, in which four women died. Later it was confirmed that the cause was a tiger attack. To manage the… pic.twitter.com/pTJKd4ZOcw
— ANI (@ANI) May 23, 2026
झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक किया हमला
स्थानीय लोगों ने जानकारी दी है कि चारों महिलायें रोज की तरह तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल में गई थीं। महिलायें अपने काम में व्यस्त थी, तभी झाड़ियों में घात लगाकर बैठे बाघ ने उनपर हमला बोल दिया। महिलायें डरकर चीखने-चिल्लाने लगीं, लेकिन जब तक सहायता पहुंच पाती काफी देर हो चुकी थी। बाघ अपने खतरनाक पंजों और नुकीले दांतों से चारों महिलाओं को गंभीर रूप से जख्मी कर चुका था और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो चुकी थी। महिलाओं की दर्दनाक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों ने वन विभाग और जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई है।
उनका कहना है कि हाल के दिनों में लगातार तेंदुआ और बाघ जैसे जंगली जानवरों का प्रवेश इंसानी इलाकों में होता है, जनहानि हो चुकी है लेकिन सुनवाई नहीं होती।
स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की गश्ती जारी
मुख्य वन संरक्षक मणिकंदा रामानुजम ने कहा कि घटना 22 मई की शाम को 7 से 8 बजे के बीच घटी। बाघ के हमले में महिलाओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। स्थिति को संभालने के लिए तत्काल ताडोबा टाइगर रिजर्व की स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (STPF) ने संयुक्त गश्ती शुरू कर दी है। उस टीम में वन रक्षक, रेंजर और फील्ड स्टाफ समेत कुल 50 कर्मी शामिल हैं। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 30 कैमरा ट्रैप और 3 लाइव कैमरे लगाए गए हैं। फिलहाल तेंदूपत्ता इकट्ठा करने पर रोक है।