डेस्क:
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। खेल के 8वें दिन भारत की झोली में 3 गोल्ड आए। इसके साथ ही एक सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज भी आए। बता दें कि ये सारे पदक भारत ने रेसलिंग में जीते हैं। बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और दीपक पूनिया ने गोल्ड जीता। वहीं, अंशु मलिक ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। दिव्या काकरान और मोहित ग्रेवाल ने ब्रॉन्ज जीते। अब तक भारत की झोली में कुल 26 पदक आई है जिसमें 9 गोल्ड, 8 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही पॉइंट टेबल में भारतीय टीम पांचवें स्थान पर है।

बजरंग पूनिया ने 65 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड
बजरंग पूनिया ने पुरुषों के 65 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता। यह उनका गेम्स का लगातार दूसरा गोल्ड है। फाइनल में उन्होंने कनाडा के लछलन मैकनील को 9-2 से मात दी। इससे पहले बजरंग ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के जॉर्ज रैम पर 10-0 से हराकर बड़ी जीत हासिल की थी।

दीपक पूनिया ने पाकिस्तान के पहलवान को हराया
दीपक पूनिया टोक्यो ओलंपिक में मेडल नहीं जीत सके थे। लेकिन उन्होंने यहां निराश नहीं किया। उन्होंने 86 किग्रा वेट कैटेगरी में पाकिस्तान के पहलवान मोहम्मद इनाम को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

साक्षी मलिक ने जीता अपना पहला गोल्ड
महिला पहलवान साक्षी मलिक ने लगातार तीसरे गेम्स में मेडल जीता। हालांकि वे पहली बार गोल्ड मेडल जीतने में सफल हुई हैं। उन्होंने 62 किग्रा वेट कैटेगरी के फाइनल में कनाडा की एना गोडिनेज गोंजालेज को मात दी। 2018 में उन्हें ब्रॉन्ज जबकि 2014 गेम्स में सिल्वर मिला था।

57 किग्रा वेट कैटेगरी मेंअंशु ने जीता सिल्वर
महिला पहलवान अंशु मलिक अपने गोल्ड से चुक गई। उन्हें 57 किग्रा वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में वे नाइजीरिया की ओडुनायो अदेकुओरोये से 4-6 से हार गईं। इससे पहले सेमीफाइनल में अंशु ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 10-0 से जीत हासिल करने में सफल रही थीं।

125 किग्रा वेट में मोहित ने जीता ब्रॉन्ज
भारतीय पहलवान मोहित ग्रेवाल ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 125 किग्रा वेट कैटेगरी के मेडल मुकाबले में जमैका के आरोन जॉनसन को मात दी। इससे पहले उन्हें सेमीफाइनल में अमरवीर धेसी से 2-12 से हार मिली थी।

दिव्या ने जीता ब्रॉन्ज
महिला पहलवान दिव्या काकरान भी ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहीं। 68 किग्रा वेट कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल में वे नाइजीरिया की ब्लेसिंग ओबोरूडुडू से हार गई थीं। इसके बाद रेपचेज से वे मेडल तक पहुंचीं। उन्होंने टाइगर लिली कॉकर लेमालियर को सिर्फ 30 सेकंड में हराकर मेडल जीता।
