द फॉलोअप डेस्क
लोकसभा चुनाव आते ही बढ़ हेलीकॉप्टर और जेट विमानों की मांग बढ़ गयी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस चुनाव में हेलीकॉप्टर और जेट विमानों की मांग में 30 से 40 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। पार्टिंयां और नेता अभी से हेलीकॉप्टर और जेट विमानों की बुकिंग करने लगे हैं। इसमें बीजेपी और इसके नेता सबसे आगे हैं। बता दें कि राष्ट्रीय दल के नेताओं को प्रचार-प्रसार के लिए जेट विमानों की अधिक जरूरत पड़ती है। ताकि वे एक राज्य से दूसरे राज्य में कम समय में पहुंच सकें। इसी तरह हेलीकॉप्टर की अधिक जरूरत राज्य स्तरीय औऱ लोकल नेताओं को अधिक होती है, जिससे वे दूरदराज के इलाकों में चुनावी समभाएं कर सकें।

अभी से होने लगी है बुकिंग
किराये पर हेलीकॉप्टर और लग्जरी जेट विमान देने वाली क्लब वन एयर के सीईओ राजन मेहरा ने बताया कि इस चुनाव में विमानों की बुकिंग अभी से आने लगी। कहा कि हमारे सभी दल और नेताओं की मांग पूरा करने जितना न तो हेलीकॉप्टर हैं और न विमान। कई कंपनियां मांग पूरी करने के लिए लीज पर विमान और हेलीकॉप्टर लेने पर विचार कर रही है। हालांकि इसमें बहुत दुश्वारी नहीं होती है, लेकिन इस हालत में किराया बढ़ जाता है। कहा कि इस मामले चुनाव की तिथियां घोषित होने के बाद तस्वीर और साफ हो सकेगी।

कितना देना होता है किराया
बता दें कि चुनाव या अन्य समय में भी हेलीकॉप्टर और विमानों को किराये पर लेने के लिए प्रति घंटे के हिसाब से रकम देनी होती है। किराया इस बात पर निर्भर करता है कि विमान का साइज क्या है। वो कितना लग्गजरी है औऱ उसमें क्या-क्या सुविधाएं हैं। यही शर्तें हेलीकॉप्टर पर भी लागू होती हैं। एक इंजन और डबल इंजन वाले हेलीकॉप्टर का किराया अलग-अलग होता है। सामान्य तौर पर विमान का औसत किराया 5 से 5.50 लाख प्रति घंटा होता है। वहीं, हेलीकॉप्टर का औसत किराया 1.50 लाख से 2 लाख रुपये प्रति घंटा होता है। डबल इंजना वाले हेलीकॉप्टर का किराया इससे लगभग डेढ़ गुना अधिक हो जाता है।

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