द फॉलोअप डेस्क
दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास के बाहर कथित तौर पर भारी मात्रा में जले नोट मिलने के मामले में दिल्ली पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) देवेश कुमार महला अपनी टीम, एसीपी और कैमरा दल के साथ बुधवार को जांच के लिए जस्टिस वर्मा के आवास पहुंचे। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वर्मा के आवास से कथित रूप से अधजली नकदी मिलने के मामले में दिल्ली पुलिस को FIR दर्ज करने के निर्देश की मांग करने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने जस्टिस वर्मा के आवास का दौरा कर उस स्थान का निरीक्षण किया जहां आग लगी थी। पुलिस कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने इस मामले की आंतरिक जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। साथ ही, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने का निर्णय लिया गया है। इस रिपोर्ट में कथित रूप से नकदी मिलने की तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं।
न्यायमूर्ति वर्मा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य ने कभी भी स्टोररूम में नकदी नहीं रखी। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय पैनल ने अपनी जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को दोपहर करीब एक बजे तीनों जज दिल्ली स्थित जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवास पहुंचे और करीब 45 मिनट तक घटनास्थल की गहन जांच की। अब पुलिस की सक्रियता के कारण मामले ने नया मोड़ ले लिया है।