द फॉलोअप नेशनल डेस्क
ब्रह्मोस की जानकारी ISI को देने वाले DRDO के इंजीनियर निशांत अग्रवाल को उम्रकैद, की सजा मिली है। उन्होंने यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड जीता था। बता दें कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व इंजीनियर निशांत अग्रवाल ISI के लिए जासूसी करते थे। एक विशेष अदालत ने उनको उम्रकैद की सजा सुनाई है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को सूचनाएं लीक करने के आरोप में उनकी गिरफ्तारी नागपुर से 2018 में की गयी थी। नागपुर की एक विशेष अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही थी। अदालत ने सोमवार को एयरोस्पेस के पूर्व इंजीनियर निशांत अग्रवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

2018 में हुई थी गिरफ्तारी
पाकिस्तान को सूचनाएं बेचने के आरोप में 2018 में जब अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई थी, तब ये खबर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में थी। क्योंकि यह मामला ब्रह्मोस एयरोस्पेस जैसे अहम मुद्दे से जुड़ा हुआ था। साथ ही ये ब्रह्मोस एयरोस्पेस से जुड़ा जासूसी का पहला मामला था। निशांत अग्रवाल ब्रह्मोस एयरोस्पेस में सीनियर सिस्टम इंजीनियर थे और देश की कई मिसाइल परियोजनाओं में उनकी अहम भूमिका थी। बहरहाल, सोमवार को नागपुर की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई।

अग्रवाल पर ये लगे थे आरोप
मामले की जांच होने पर पता चला था कि निशांत अग्रवाल फेसबुक के जरिये पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को सूचनाएं भेजते थे। अग्रवाल इसके लिए 2 फेसबुक अकाउंट का इस्तेमाल करते थे। ये दोनों अकाउंट नेहा शर्मा और पूजा रंजन के नाम से थे और इनको पाकिस्तान के इस्लामाबाद से मॉनिटर किया जाता था। भारत की खुफिया एजेंसियों ने आशंका जाहिर की थी कि मूल रूप से इनका संचालन आईएसआई से जुड़े लोग कर रहे थे।
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