द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के नाम से चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पाने वाले साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। गुरुवार को वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला के माध्यम से दोनों की ओर से अपील दायर की गई। अधिवक्ता के अनुसार, साहिल और मुस्कान ने उन्हें अपना वकील नियुक्त करने की सहमति दी थी। इसके बाद निचली अदालत के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई। फिलहाल मामले में सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है। सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत ने 14 अक्टूबर को साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को मृत्युदंड सुनाया था। अदालत का 165 पन्नों का आदेश मृत्युदंड की पुष्टि के लिए हाईकोर्ट भेजा गया है। हालांकि, अब तक हाईकोर्ट से सजा को मंजूरी नहीं मिली है। दोनों दोषी फिलहाल जेल में बंद हैं। मृत्युदंड के मामलों में हाईकोर्ट की पुष्टि की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अपील पर न्यायिक विचार किया जाएगा।

ऐसे दिया गया था वारदात को अंजाम
ब्रह्मपुरी में 3 मार्च 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शव को नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से जमा दिया गया था। इस मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया गया। जिला अदालत ने दोनों को 14 अक्टूबर को फांसी की सजा सुनाई थी। इस मामले ने शव को छिपाने के तरीके के कारण व्यापक चर्चा बटोरी थी। उधर, अमित हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पाने वाले अमरदीप और रविता भी हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं। जेल प्रशासन को भी उनकी अपील की तैयारी के संबंध में जानकारी मिल चुकी है। इस मामले में अपर जिला जज जयवीर नागर की अदालत ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड सुनाया था। 12 अप्रैल 2025 की रात अमित की गला दबाकर हत्या की गई थी। वारदात को हादसा दिखाने के लिए शव पर सांप छोड़ दिया गया था। अब दोनों दोषी निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में हैं।

मुस्कान से जेल में मिलीं अनामिका जैन अंबर
इस बीच, कवयित्री अनामिका जैन अंबर और उनके पति, कवि सौरभ जैन ने गुरुवार को जेल में मुस्कान से मुलाकात की। मुलाकात के बाद अनामिका ने कहा कि साहिल और मुस्कान का अपराध क्षमा करने योग्य नहीं है। हालांकि, उन्होंने मुस्कान की 10 माह की बच्ची के भविष्य को लेकर चिंता जताई। अनामिका ने कहा, “मैं एक मां हूं। मुस्कान की 10 माह की बच्ची को देखकर मन करता है कि आजीवन उसका पूरा खर्च उठाऊं। बच्ची का क्या अपराध है?” अनामिका जैन अंबर ने कहा कि बच्ची के बालिग होने तक मुस्कान को फांसी की सजा नहीं मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक, मुस्कान की सजा को उम्रकैद में भी बदला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जेल में मुलाकात के दौरान मुस्कान की आंखों में पश्चाताप का डर साफ दिखाई दे रहा था। इस तरह एक ओर दोनों हत्याकांडों में मृत्युदंड पाने वाले दोषी निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं मुस्कान की बच्ची के भविष्य को लेकर अनामिका जैन अंबर ने अपनी चिंता जाहिर की है।