द फॉलोअप डेस्क
आचार संहिता मामले में बीजेपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी (Rita Bahuguna Joshi) को लखनऊ की एक अदालत ने 6 महीने की सजा सुनाई है। साथ ही उनको 1100 रुपये का जुर्माना भरने के लिए कहा गया है। बता दें कि 2012 में उनके खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन मामले में मुकदमा दायर किया गया था। रीता उस समय कांग्रेस पार्टी में थी। लेकिन अब वे प्रयागराज से बीजेपी की सांसद हैं। रीता कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही पार्टियों में कद्दावर नेता के रूप में सम्मान पाती रही हैं। दोनों ही पार्टियों में उनको अहम पद दिये गये। कांग्रेस से मतभेदों के कारण उन्होंने 2016 में बीजेपी का दामन थाम लिया था। वे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुना की बेटी हैं।

ये है पूरा मामला
रीता बहुगुणा पर 2012 में आचार संहिता का उल्लंघन मामले में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि उन्होंने 2012 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार का समय खत्म हो जाने के बाद भी एक चुनावी सभा को संबोधित किया था। उस समय वे कांग्रेस के टिकट पर कैंट विधानसभा क्षेत्र (लखनऊ) से उम्मीदवार थीं। इस दौरान उन्होंने शाम के समय बजरंग नगर और कृष्ण नगर में चुनाव प्रचार किया। जबकि प्रचार के लिए निर्धारित समय समाप्त हो चुका था। हालांकि चुनाव में उनकी जीत हुई लेकिन विरोधी दलों ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

जमानत पर रिहा हुईं
अब लगभग 12 सालों के बाद इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। बहुगुणा को सजा लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनाई है। मिली खबर के मुताबिक अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंबरीश कुमार की बेंच में बहुगुणा के खिलाफ सुनवाई हो रही थी। हालांकि सजा सुनाये जाने के बाद कोर्ट ने उनको तुरंत जमानत भी दे दी। इसके लिए बहुगुणा से 25-25 हजार के दो मुचलकों पर हस्ताक्षर कराये गये।
