गुवाहाटी
असम ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने ऐप-बेस्ड कैब एग्रीगेटर ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। डिपार्टमेंट ने इन तीनों कंपनियों को नियमों के कथित उल्लंघन और कैब ऑपरेटरों की शिकायतों (खासकर कम किराए को लेकर) को ठीक से न सुलझाने के लिए 'कारण बताओ नोटिस' जारी किए हैं। असम के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मानवेंद्र प्रताप सिंह ने 31 अगस्त को ये नोटिस जारी किए। इनमें एग्रीगेटर्स को नोटिस मिलने की तारीख से 14 दिन का समय दिया गया है ताकि वे बता सकें कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। उबर इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को भेजे नोटिस में डिपार्टमेंट ने आरोप लगाया कि कई बैठकों और बातचीत के बावजूद, एग्रीगेटर कैब ऑपरेटर यूनियनों की चिंताओं को ठीक से दूर करने में नाकाम रहा।

कथित अनियमितताओं का ज़िक्र किया
डिपार्टमेंट ने उबर के लोकल ऑपरेशन्स में कथित अनियमितताओं का भी ज़िक्र किया। उबर के खिलाफ एक और मुद्दा उसके ऐप पर 'टिपिंग' सुविधा का होना था। डिपार्टमेंट का आरोप है कि यह फीचर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के 15 दिसंबर, 2025 को जारी नोटिफिकेशन का उल्लंघन करता है। उबर को अपने तय 'शिकायत निवारण अधिकारी' की जानकारी देने का भी निर्देश दिया गया है, जिसमें अधिकारी का नाम, पद, ऑफिशियल ईमेल एड्रेस और कॉन्टैक्ट डिटेल्स शामिल हों। ANI टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा चलाई जाने वाली ओला पर भी 19 जून, 2026 को एग्रीगेटर ऑपरेटरों के साथ हुई बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन न करने का आरोप है।
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रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया
नोटिस के अनुसार, कंपनी को किराया तय करने के तरीके और उससे जुड़ी जानकारी पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था, लेकिन कथित तौर पर वह ज़रूरी रिपोर्ट नहीं दे पाई। वहीं, रैपिडो को मुख्य रूप से कैब ऑपरेटर यूनियनों की कम किराए से जुड़ी शिकायतों को ठीक से न सुलझाने के लिए फटकार लगाई गई है। डिपार्टमेंट ने कहा कि 19 जून की बैठक और उसके बाद हुई बातचीत में दिए गए निर्देशों के बावजूद, कंपनी किराए से जुड़ी चिंताओं पर संतोषजनक रिपोर्ट नहीं दे पाई।
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