द फॉलोअप डेस्क
आज से शुरू हुए असम विधानसभा सत्र में कई नेताओं ने स्थानीय भाषा में शपथ ग्रहण किया और चाय बागान में काम करने वाले लाखों श्रमिकों का आभार व्यक्त किया। इस पर सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा कि पहली बार, विधायकों ने पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर और सदन में एक नई मिसाल कायम करते हुए कार्बी, राभा, राजबोंगशी जैसी भाषाओं में शपथ ली। साथ ही उन्होंने कहा, हम जमा हुए हैं उन मेहनती चाय श्रमिकों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए, जिन्होंने चाय को असम का पर्याय बना दिया है और सरकार ने 6 लाख से अधिक श्रमिकों को 5,000 रुपये दिये हैं। कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न पहल से हाल के वर्षों में चाय के रिकॉर्ड उत्पादन और निर्यात में योगदान दिया है।

चाय के व्यापार के लिए UK, EU तथा US के साथ हुए समझौते
सीएम ने आगे कहा, असम की चाय बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादन और निर्यात संवर्धन के माध्यम से वैश्विक ध्यान पुनः आकर्षित कर रही है। ऑर्थोडॉक्स चाय पर सब्सिडी 10 किग्रा से बढ़ाकर 15 किग्रा कर दी गई है। कहा, UK, EU तथा US के साथ होने वाले आगामी मुक्त व्यापार समझौते से यहां की चाय की वैश्विक उपस्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी। सरमा ने कहा, असम के हरे-भरे चाय बागानों से लेकर दुनिया भर के चाय के प्यालों तक, यहां की चाय 200 वर्षों से अधिक की गौरवशाली विरासत को अपने साथ समेटे हुए है। International Tea Day के अवसर पर, हम केवल एक पेय का ही नहीं, बल्कि उन लाखों मेहनती परिवारों का भी उत्सव मनाते हैं, जिन्होंने असम की इस पहचान को आकार दिया है।
