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असम में पारंपरिक नाव दौड़ का रोमांच, नदी में उतरीं 9 नावें; विजेताओं को मिले नकद पुरस्कार

असम में पारंपरिक नाव दौड़ का रोमांच, नदी में उतरीं 9 नावें; विजेताओं को मिले नकद पुरस्कार

द फॉलोअप डेस्क 

बुधवार को विजयादशमी (Vijayadashami) के अवसर पर कुकुरमारा की कलाही नदी में आयोजित पारंपरिक नाव दौड़ (Traditional Boat Race) को देखने के लिए हजारों दर्शक (Thousands of Spectators) पहुंचे। यह आयोजन 'कुकुरमारा आंचलिक सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति' की स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) यानी 50वीं वर्षगांठ के मुख्य आकर्षणों (Main Attractions) में से एक था। 1977 में स्थापित इस समिति ने अपनी 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 11 से 21 अक्टूबर तक 11 दिवसीय कार्यक्रम (11-Day Programme) आयोजित किया, जिसमें कई रंगारंग कार्यक्रम और सांस्कृतिक गतिविधियां (Cultural Activities) शामिल थीं। इस क्षेत्र में पीढ़ियों से दशमी उत्सव (Dashami Festival) का अहम हिस्सा रही इस पारंपरिक नाव दौड़ में नौ नावों ने हिस्सा लिया। नदी के किनारे जमा हजारों दर्शकों ने उत्साह के साथ प्रतिभागियों (Participants) का हौसला बढ़ाया।

"ईश्वर पुत्र नंबर 2 जियाकुरी" को पहला स्थान
इस प्रतियोगिता में "ईश्वर पुत्र नंबर 2 जियाकुरी" ने पहला स्थान हासिल किया और उन्हें 31,000 रुपये नकद तथा एक ट्रॉफी मिली। "आशीर्वाद ऑफ गुमी जारापारा रायज" ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जिसके लिए उन्हें 21,000 रुपये और एक ट्रॉफी दी गई। वहीं, चमारिया की "मामा-भागिन" नाव तीसरे स्थान पर रही, जिसे 7,000 रुपये नकद और एक ट्रॉफी मिली। हालांकि, नदी में धीरे-धीरे गाद (सिल्ट) जमा होने के कारण इस पारंपरिक नाव दौड़ को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि कलाही नदी का तल उथला होता जा रहा है, जिससे प्रतियोगिता के दौरान नावों को आसानी से चलाने में दिक्कतें आ रही हैं।


नदी की सफाई के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग 

उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि नदी की सफाई के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं और इसमें नाव चलाने के अनुकूल स्थिति बहाल की जाए, ताकि इस पारंपरिक नाव दौड़ को बचाया जा सके। यह नाव दौड़ इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो समुदायों को एक साथ लाती है और पीढ़ियों से चले आ रहे इस पारंपरिक खेल को जीवित रखती है। स्थानीय लोगों ने जोर देकर कहा कि इस परंपरा को बनाए रखने के लिए नदी के संरक्षण हेतु उचित कदम उठाए जाने चाहिए।

Tags - Assam Kukurmara Boat Tradition Festival