द फॉलोअप डेस्क
असम कैबिनेट ने प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करने वाले सेक्टर पर 'ग्रीन सेस' लगाने के लिए एक फ्रेमवर्क को मंज़ूरी दी है। इससे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल पूरे राज्य में सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सतत विकास) से जुड़े कामों के लिए किया जाएगा। सोमवार को कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, "कैबिनेट ने 'असम ग्रीन सेस पॉलिसी, 2026' को मंज़ूरी दी है। यह राज्य में उन खास सेक्टर पर ग्रीन सेस लगाने का फ्रेमवर्क है जो प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं और जिनके लिए सस्टेनेबल डेवलपमेंट के मकसद से रेगुलेशन की ज़रूरत है।"

कहां होगा सेस से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल
उन्होंने आगे कहा, "इस सेस से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल तटबंधों (embankments) को ठीक करने और सोलर पावर प्रोजेक्ट्स को फंड करने वगैरह में किया जाएगा।" कैबिनेट ने पत्थर तोड़ने वाली यूनिट्स, ईंट-भट्टों, बाहर से मंगाई गई लकड़ी, प्रदूषण-इंडेक्स पर आधारित इंडस्ट्रियल यूनिट्स, पहले से इस्तेमाल हो चुके मोटर वाहनों के मालिकाना हक के ट्रांसफर और ग्राउंडवॉटर (भूजल) के कमर्शियल इस्तेमाल और दोहन पर ग्रीन सेस लगाने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई।
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ग्रेड III और ग्रेड IV पदों पर भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा में छूट
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में पूर्व सैनिकों के लिए सरकारी सेवाओं में ग्रेड III और ग्रेड IV पदों पर भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा में छूट को 42 साल से बढ़ाकर 45 साल करने को भी मंज़ूरी दी गई। कैबिनेट ने इस साल 7 नवंबर से दो लेवल पर 'खेल महारन' आयोजित करने को भी मंज़ूरी दी – 12 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए 'शैशव क्रीड़ा समारोह' और 12 साल से ज़्यादा उम्र के खिलाड़ियों के लिए 'खेल महारन'। 'शैशव क्रीड़ा समारोह' के ज़रिए 300 होनहार खिलाड़ियों की पहचान की जाएगी और उन्हें खेल के अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए व्यवस्थित ट्रेनिंग और सुविधाएं दी जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में आठ खेल शामिल होंगे – एथलेटिक्स, योगासन, शतरंज, बॉक्सिंग, एक्वाथलॉन, फुटबॉल, वॉलीबॉल और तैराकी।

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