द फॉलोअप डेस्क
असम के सरकारी स्कूलों की क्लासरूम में बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल शुरू होने जा रहा है। इसके तहत मई 2027 तक लगभग एक लाख शिक्षकों को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी। समग्र शिक्षा, असम ने शुक्रवार को छह संगठनों - जिनमें Google AI, IIT मद्रास-बोधन AI और Canva Education शामिल हैं - के साथ समझौते किए। इन समझौतों का मकसद राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में टेक्नोलॉजी-बेस्ड टीचिंग, पर्सनलाइज़्ड लर्निंग और असेसमेंट टूल्स को शामिल करना है। इन समझौतों में स्कूल से बाहर रह रहे किशोरों, खासकर लड़कियों को ओपन-स्कूलिंग के ज़रिए वापस शिक्षा से जोड़ने की पहल भी शामिल है।

समझौते पर हुआ हस्ताक्षर
राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. रानोज पेगू ने समग्र शिक्षा के स्टेट मिशन ऑफिस में हुए समझौते पर हस्ताक्षर समारोह में हिस्सा लिया। इन समझौतों पर समग्र शिक्षा के मिशन डायरेक्टर और छह सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। Google AI के साथ हुई इस साझेदारी के तहत, शिक्षकों को सुरक्षित डिजिटल पहचान मिलेगी और वे पढ़ाने, लेसन प्लानिंग और प्रशासनिक कामों के लिए AI-पावर्ड टूल्स (जैसे Notebook और Gemini) का इस्तेमाल कर सकेंगे। ट्रेनिंग मटीरियल असमिया, बंगाली, बोडो, हिंदी और अंग्रेज़ी भाषाओं में उपलब्ध होगा। इस प्रोग्राम को लागू करने के लिए Google, 'स्टेट काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग' और 'डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग' के साथ मिलकर काम करेगा।

एक लाख शिक्षकों को ट्रेनिंग
इस पहल के सबसे बड़े हिस्सों में से एक के तहत, IIT मद्रास-बोधन AI मई 2027 तक कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाने वाले लगभग एक लाख शिक्षकों को ट्रेनिंग देगा। इसकी शुरुआत 40 मास्टर ट्रेनर्स के साथ होगी, जो आगे चलकर 'कैस्केड मॉडल' के ज़रिए दूसरों को ट्रेनिंग देंगे। शिक्षक लेसन प्लानिंग, कंटेंट बनाने और असेसमेंट डिज़ाइन करने के लिए AI का इस्तेमाल करना सीखेंगे और उनका मूल्यांकन DIKSHA पोर्टल के ज़रिए किया जाएगा। उन्हें बोधन AI के मल्टीलिंगुअल टीचर असिस्टेंट बॉट का एक्सेस भी मिलेगा, जो लेसन प्लान, वर्कशीट और रिविज़न मटीरियल बना सकता है; हालांकि, AI से बना सारा कंटेंट शिक्षकों की समीक्षा के अधीन होगा।

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