गुवाहाटी
ADB गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और सिलचर के लिए 'सिटी इकोनॉमिक रीजन डेवलपमेंट प्लान' (CERDP) पर एक स्टडी में मदद करेगा। इसका मकसद टिकाऊ विकास को तेज़ करने के लिए मुख्य विकास कारकों, बुनियादी ढांचे की ज़रूरतों, निवेश के मौकों, नीतिगत सुधारों और संस्थागत तंत्रों की पहचान करके सबूत-आधारित आर्थिक विकास का रोडमैप तैयार करना है। इन तीनों शहरों को प्रतिस्पर्धी और निवेश के लिए तैयार विकास केंद्र बनाने के अलावा, यह लंबी अवधि की विकास रणनीतियों के लिए आर्थिक क्लस्टर, वर्कफोर्स की क्षमता, बाज़ार की संभावनाओं और शहरी बुनियादी ढांचे की कमियों का भी आकलन करेगा। मुख्य सचिव रवि कोटा ने बुधवार को एशियाई विकास बैंक (ADB) के इंडिया रेजिडेंट मिशन की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका, डेलॉइट के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रस्तावित योजना के रोडमैप पर चर्चा की।
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क्यों अहम है ये पहल
गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और सिलचर के लिए तैयार किया जा रहा 'सिटी इकोनॉमिक रीजन डेवलपमेंट प्लान' (CERDP) असम के शहरी आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एशियाई विकास बैंक (ADB) के सहयोग से होने वाली यह स्टडी इन शहरों की आर्थिक क्षमता, औद्योगिक क्लस्टर, श्रमबल की उपलब्धता, बाजार की संभावनाओं और बुनियादी ढांचे की जरूरतों का व्यापक आकलन करेगी। इसका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों की पहचान करना है जहां निवेश आकर्षित कर रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को तेज किया जा सके। सरकार का मानना है कि इससे तीनों शहर पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख विकास और निवेश केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।

अगले कई वर्षों की विकास रणनीति तैयार होगी
यह अध्ययन केवल मौजूदा जरूरतों का विश्लेषण नहीं करेगा, बल्कि अगले कई वर्षों की विकास रणनीति भी तैयार करेगा। इसमें परिवहन, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक पार्क, कौशल विकास, शहरी सेवाओं और व्यापारिक संपर्कों से जुड़ी कमियों को चिह्नित कर नीतिगत सुधारों के सुझाव दिए जाएंगे। असम सरकार पहले ही एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत राज्य को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले आर्थिक द्वार के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। ऐसे में CERDP रिपोर्ट गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और सिलचर को क्षेत्रीय व्यापार, निवेश और सेवा क्षेत्र के मजबूत केंद्रों के रूप में स्थापित करने के लिए एक ठोस रोडमैप उपलब्ध करा सकती है।
