द फॉलोअप डेस्क
यूपी के गोरखपुर में एक डॉक्टर और उसके साथी के पास से मिलीं 21 एमबीबीएस डिग्रियां फर्जी होने के संदेह में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस टीम ने अब तक शिकोहाबाद और लखनऊ स्थित विश्वविद्यालयों से जाकर जांच पूरी कर ली है, जिसमें चार डिग्रियों के फर्जी होने की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस अब अन्य सात विश्वविद्यालयों से संपर्क कर शेष 17 डिग्रियों की जांच कर रही है। इसके बाद डी फार्मा की नौ डिग्रियों की जांच भी शुरू की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस इन सब साक्ष्यों को अपनी विवेचना में शामिल करेगी, ताकि आरोपितों पर चार्जशीट दाखिल की जा सके और उन्हें सजा मिल सके।
क्या था मामला?
इस मामले में 24 फरवरी को पुलिस ने खोराबार पीएचसी पर संविदा पर तैनात डॉ. राजेश कुमार और उनके साथी सुशील चौधरी को गिरफ्तार किया था। डॉ. राजेश कुमार आवास विकास कॉलोनी के निवासी हैं, जबकि उनका साथी संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली थाना के पठान टोला का निवासी है। इनके पास से एमबीबीएस की 21 और डी फार्मा की नौ फर्जी डिग्रियां बरामद हुई थीं।
फर्जी डिग्रियों का मामला
जांच में पता चला है कि डॉक्टर और उनके साथी ने लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, शिकोहाबाद और छत्तीसगढ़ की यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी डिग्रियां बनाई थीं। डॉ. राजेश कुमार ने खुद के लिए भी राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस, कर्नाटका यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री बनवाई थी। उनके पास से इस यूनिवर्सिटी के नाम से तीन डिग्रियां मिली हैं।
इसके अलावा, लखनऊ के आयुर्वेदिक और यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड की दो, ओपीजेएस यूनिवर्सिटी, राजस्थान की दो, उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल की एक, आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी की दो, जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की चार, आयुष एंड हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ की एक, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद की तीन और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक की एक फर्जी डिग्री मिली थी। इसके अलावा, सुशील चौधरी के पास आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड की एक और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ की एक फर्जी मेडिकल डिग्री बरामद की गई है।
सरगना की तलाश जारी फर्जी डिग्री छापने वाले मुख्य सरगना की तलाश जारी है, जो अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। डॉक्टर के दो साथी नोएडा के रहने वाले हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अब भी काम कर रही है। पुलिस की एक टीम नोएडा में रुकी हुई है, और जल्द ही गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि जांच में अब तक चार डिग्रियां फर्जी साबित हो चुकी हैं। टीम पूछताछ के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी और फर्जी डिग्रियां छापने वाले सरगना के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।