द फॉलोअप डेस्क
मध्यप्रदेश के शिवपुर में एक पिता के हैवानियत की खबर सामने आई है। 2.5 साल के सौतेले बेटे की हैवान बाप ने निर्ममता से जान ले ली। आरोपी का नाम लखन है। उसे कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी पिता की हैवानियत ऐसी जिसे सुनकर आपके रोंगटे भी खड़े हो जाएंगे। आरोपी ने 2.5 साल के बेटे को पहले लात–घूंसों से पीटा फिर उसे जमीन पर पटक दिया। मासूम अधमरा हो गया तो उसकी गर्दन तोड़ दी। करीब 8 घंटे तक तड़पने के बाद मासूम ने मां की गोद में दम तोड़ दिया। इतने में उसका मन नहीं तो मां से छीन कर बच्चे की लाश को चादर में लपेट कर पलंग के भीतर छिपा दिया। आगे वह क्या कर पता उससे पहले पुलिस ने उसे दबोच लिया।

दोस्तों से हुई थी बहस
मामला 4 अक्टूबर 2022 का है। बच्चे की मां रानी आदिवासी ने बताया कि वह काली रात थी। पति कच्ची शराब बेचता था। 4 अक्टूबर की रात भी वह शराब लेने जा रहा था, तभी उसकी दोस्तों से किसी बात को लेकर बहस हो गई। नशे में धुत लखन गुस्से में घर आ गया। उस वक्त मैं जस्सी के साथ सो रही थी। तभी उसने जस्सी को बिस्तर से नीचे खींचा और उसे पीटने लगा। वह लगातार कह रहा था कि यह मेरी जायदाद पर कब्जा कर लेगा और मेरी हत्या कर देगा। ऐसा हो, इससे पहले मैं ही उसे मार दूंगा।

मां को कमरे में किया बंद
मैं उठी और उसे बचाने दौड़ी। उसने मुझे धक्का देकर गिरा दिया। मैं और दीपा उसे बचाने दौड़े, तो उसने मुझे पीटा और दोनों को कमरे में बंद कर दिया। हम रातभर बच्चे को बचाने के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन लखन ने दरवाजा नहीं खोला। मार खा-खाकर बेटा अधमरा हो गया था। 5 तारीख को सुबह जैसे-तैसे उसने गेट खोला। मैं दौड़कर बेटे के पास पहुंची। उसकी सांसें चल रही थीं। मैंने उसे गोद में उठाया, तो उसकी गर्दन ऐसी गिरी मानो टूट गई हो। उस हैवान ने उसकी गर्दन मरोड़कर तोड़ दी थी। करीब 7 बजे जस्सी ने मेरी गोद में आखिरी सांस ली। मैं जोर से चीखी। मेरे बच्चे को मार डाला, तो लखन दौड़कर आ गया। उसने शव को पलंग खोलकर बिस्तर के नीचे उसे दबा दिया। लखन दीपा से यह कहते हुए बाहर चला गया कि मुझे घर से बाहर नहीं जाने देना। न किसी से बात करने देना। लेकिन तबतक पड़ोसियों को इस बात की भनक लग गई और किसी ने पुलिस को बता दिया।

आरोपी लखन को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई
मां रानी आदिवासी की शिकायत पर हत्या व शव को छिपाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया। करीब डेढ़ साल चली सुनवाई के बाद 4 जनवरी को शिवपुरी जिला कोर्ट ने आरोपी लखन आदिवासी को उम्रकैद व 500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, साक्ष्य छिपाने के आरोप में 5 वर्ष कैद व 500 रुपए का जुर्माना भी लगाया। सरकार की ओर पैरवी शासकीय अपर लोक अभियोजक मनोज सिंह रघुवंशी ने की।
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