द फॉलोअप डेस्क
खबर है कि ओडिशा सरकार शहरी क्षेत्रों में बढ़ते आवास संकट और झुग्गी-बस्तियों के विस्तार को रोकने के लिए नई किराये की आवास नीति लाने की तैयारी कर रही है। आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य कम आय वाले परिवारों, प्रवासी श्रमिकों और रोजगार की तलाश में शहरों की ओर आने वाले लोगों को किफायती किराये के घर उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि उचित किराये के आवास की व्यवस्था होने से अनियोजित बस्तियों के विकास पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
मंत्री ने बताया कि भुवनेश्वर समेत राज्य के प्रमुख शहरी केंद्रों में बड़ी संख्या में लोग रोज़गार, शिक्षा और बेहतर अवसरों की तलाश में पहुंच रहे हैं। हालांकि, इनमें से कई लोगों को अपनी आय के अनुरूप सुरक्षित और सस्ता आवास नहीं मिल पाता, जिसके कारण उन्हें अस्थायी बस्तियों या झुग्गी क्षेत्रों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। नई नीति इसी समस्या का समाधान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

आवास को संगठित और सुलभ बनाया जाएगा
सरकार की योजना है कि किराये के आवास को संगठित और सुलभ बनाया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सम्मानजनक आवास मिल सके। इसके साथ ही शहरी विकास को व्यवस्थित रूप देने और आधारभूत सुविधाओं पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल शहरीकरण की चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक समावेशन को भी बढ़ावा देगी।
नई किराये की आवास नीति लागू होने के बाद भुवनेश्वर सहित अन्य शहरों में कम आय वर्ग के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के बीच हर जरूरतमंद परिवार को किफायती और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा सके, जिससे राज्य में संतुलित एवं योजनाबद्ध शहरी विकास सुनिश्चित हो सके।

झुग्गी-बस्तियों का तेज़ी से विस्तार हुआ है
मंत्री के अनुसार, किफायती किराये के आवास की कमी के कारण शहरी इलाकों में झुग्गी-बस्तियों का तेज़ी से विस्तार हुआ है। इस समस्या से निपटने और झुग्गी-बस्तियों के विस्तार को रोकने के लिए सरकार पर्याप्त किराये की आवास सुविधाएँ देने की योजना बना रही है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार विभिन्न आवास योजनाओं के तहत घर बनाएगी और उन्हें किराये पर उपलब्ध कराएगी। किफायती आवास की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए राज्य के सभी शहरी इलाकों में किराये के आवास प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे। मंत्री ने यह भी बताया कि बेकार और खाली पड़े घरों की पहचान की जाएगी और उन्हें किराये की आवास व्यवस्था के तहत लाया जाएगा। ये घर लोगों को किफायती दरों पर दिए जाएंगे, जिससे मौजूदा आवासों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और ज़रूरतमंदों को कम लागत वाला आवास मिल सकेगा।
