गिरिडीह:
Girdih News: गिरिडीह के पचंबा थाना क्षेत्र में बालू लदे ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार 28 वर्षीय सुनील कुमार ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त गोलू शर्मा (26) गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा बिशनपुर पेट्रोल पंप के समीप हुआ। घायल गोलू को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया। हादसे में सुनील की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। महज तीन साल पहले उसकी शादी हुई थी और उसकी एक साल की मासूम बेटी है। दुर्गा पूजा मनाने घर आए सुनील की मौत से त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं।

रिश्तेदार के घर से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, तुलाडीह, भरकट्टा निवासी सुनील कुमार ठाकुर रविवार शाम अपने दोस्त गोलू शर्मा के साथ गिरिडीह में एक रिश्तेदार के घर आया था। रविवार सुबह दोनों बाइक से वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बिशनपुर पेट्रोल पंप के पास बालू लदे ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सुनील ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गोलू गंभीर रूप से घायल हो गया।

गंभीर रूप से घायल दोस्त धनबाद रेफर
हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। दुर्घटना में घायल गोलू शर्मा को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है।
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तीन साल पहले हुई थी शादी, एक साल की बेटी
सुनील कुमार ठाकुर की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। उसकी शादी महज तीन साल पहले हुई थी और घर में एक साल की छोटी बेटी है। सुनील दूसरे प्रदेश में रहकर मजदूरी करता था। वह दुर्गा पूजा के अवसर पर अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने घर आया था। परिवार को उम्मीद थी कि त्योहार के दिन अपनों के साथ खुशियां बांटने का मौका मिलेगा, लेकिन सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया। अब उसकी मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया है।
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बालू लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही पर उठे सवाल
पचंबा क्षेत्र में बालू लदे ट्रैक्टरों से होने वाले हादसों को लेकर सड़क सुरक्षा और वाहनों की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस दुर्घटना ने एक बार फिर ऐसे वाहनों की आवाजाही और सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठता है कि बालू लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही पर निगरानी कितनी प्रभावी है और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। सड़क पर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन और लापरवाही पर कार्रवाई ही ऐसे हादसों के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है।