द फॉलोअप डेस्क, हजारीबाग
हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड स्थित शेख भिखारी अस्पताल में एक बीमार महिला की मंगलवार को मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि उनके मरीज की जान अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से गई है। दरअसल, 45 वर्षीय हीरामणि देवी के पेट में दर्द उठा था। तबियत बिगड़ता देख परिजन उसे शेख भिखारी अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों के मुताबिक इलाज में लापरवाही बरतने की वजह से पीड़िता की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि जब वे मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे, वहां सिर्फ 2 इंजेक्शन और स्लाइन देकर छोड़ दिया गया था।
महिला की मृत्यु के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट दर्द से उनकी मरीज तड़पती रही, लेकिन एक डॉक्टर तक देखने नहीं आये। इतना नहीं अस्पताल में कार्यरत नर्स ने भी लापरवाही बरती। अधिकतर नर्स मोबाइल पर व्यस्त देखी गई। आरोप लगाया कि नर्सों ने परिजन के साथ दुर्व्यवहार भी किया। जब मरीज को उलटी होने लगा तो नर्स ने परिजनों से ही फर्श साफ करवाए।

परिजन ने कहा कि ट्रेनिंग पीरियड के डॉक्टर को ट्रामा सेंटर में बैठा दिया जाता है। ओपीडी में भी डॉक्टर सही से अपना समय नहीं देते हैं। जिस कारण समुचित इलाज नहीं हो पता है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर अपने प्राइवेट नर्सिंग होम में जाकर पैसे की उगाही को लेकर समय देते हैं। लाचार मरीज के परिजन को निजी अस्पताल में लेकर जाना पड़ता है। वहां उन्हें इलाज के लिए मोटी रकम चुकानी पड़ती है। परजिनों ने अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।