पश्चिमी सिंहभूम
मनोहरपुर प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मकरंदा पंचायत के सागजोड़ी पीड़िटोला और नावाडीह गांवों में गुरुवार रात एक दंतैल हाथी और उसके झुंड ने दो ग्रामीणों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। आज शुक्रवार सुबह वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को मुआवजे का भरोसा दिया।
घटना की पूरी जानकारी
जानकारी के अनुसार, नावाडीह निवासी सुखमन सुरीन के घर पर रात करीब 9 बजे और सागजोड़ी पीड़िटोला निवासी लादुरा गुड़िया के घर पर करीब 11 बजे हाथियों का झुंड पहुंचा। हाथियों ने धान रखने वाले कमरे की दीवार तोड़ दी। इसके बाद घर के लोगों ने शोर मचाया और ग्रामीणों की मदद से हाथियों को वहां से खदेड़ दिया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन दोनों परिवारों के घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार सुबह सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षति का आकलन किया। विभाग ने प्रभावित परिवारों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर मुआवजे के लिए आवेदन जमा करने का निर्देश दिया है।
हाथी के हमले में मृत ग्रामीण के परिजनों को मिला मुआवजा
इधर, वन विभाग ने हाथी के हमले में जान गंवाने वाले समठा गांव निवासी चंदन जोजो के आश्रितों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का चेक सौंपा। बताया जाता है कि 20 दिसंबर 2025 को चंदन जोजो जंगल में लकड़ी लाने गए थे, तभी घर से करीब एक किलोमीटर दूर उनका सामना एक जंगली हाथी से हो गया था। हाथी के हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी नंदी जोजो को वन विभाग की ओर से यह मुआवजे की राशि दी गई। इस दौरान समाजसेवी संदीप गुड़िया, वनपाल कमल, वनकर्मी बासुदेव सहित अन्य लोग मौजूद थे। इधर, लगातार बढ़ रही हाथियों की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों ने गहरी चिंता जताई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त (निगरानी) बढ़ाने और हाथियों से सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है।