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क्यों नहीं सार्वजिनिक की जा रही है पेसा नियमावलीः आरती कुजूर

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द फॉलोअप डेस्क

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर ने झामुमो प्रवक्ता के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कुजूर ने कहा कि पेसा एक्ट आदिवासी समाज का अधिकार है, क्रिसमस गिफ्ट नहीं। क्योंकि क्रिसमस शुरू होने के पहले भी आदिवासी समाज का अस्तित्व था। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने कल कैबिनेट में पेसा नियमावली को स्वीकृति दी है तो फिर आखिर 24 घंटे बीत जाने के बाद भी निर्णय को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया है? आखिर निर्णय में कौन सी ऐसी बात है जिसे हेमंत सरकार छुपाना चाहती है। उन्होंने कहा कि मीडिया में  छपवाई गई खबर पर आखिर जनता और आदिवासी समाज कैसे विश्वास करे। सच्चाई तो यही है कि मीडिया के लोगों को भी निर्णय से संबंधित संलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। 

आरती कुजूर ने कहा कि एक सरकार के लिए 6 साल का कार्यकाल कम नहीं होता। सरकार कब तक कोरोना का रोना रोती रहेगी। सच्चाई तो यही है कि न्यायालय के सख्त आदेश और भाजपा के आंदोलन ने हेमंत सरकार को कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के लिए बाध्य किया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के हित में  भाजपा ने कितने ऐतिहासिक फैसले लिए हैं यह जनजाति समाज जानता है। झामुमो ने भले छल और धोखे से राज्य की सत्ता हासिल कर ली है इसका मतलब यह नहीं कि आदिवासी समाज हेमंत सरकार में मिल रही पीड़ा,प्रताड़ना को भूल जाएगा।

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