जामताड़ा
जामताड़ा में गुरुवार की शाम आए अचानक भीषण आंधी और तूफान ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण मिहिजाम थाना क्षेत्र के ढेकीपाड़ा गांव में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक पोल्ट्री फार्म (मुर्गी पालन केंद्र) की छत भरभरा कर ढह गई। इस हादसे में वहां मौजूद कई बच्चे मलबे की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। पहला वीडियो पोल्ट्री फार्म के भीतर का है, जिसे खुद बच्चों ने बनाया था। इसमें देखा जा सकता है कि किस तरह मासूम बच्चे खुद को बचाने के लिए फार्म की दीवार पकड़कर खड़े हैं और बाहर तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है। वहीं, दूसरे वीडियो में तबाही के बाद का खौफनाक मंजर साफ दिखाई दे रहा है।

बच्चे दौड़कर पोल्ट्री फार्म के शेड में छिप गए
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई आंधी और बारिश से बचने के लिए पास में ही खेल रहे कुछ बच्चे दौड़कर पोल्ट्री फार्म के शेड में छिप गए। लेकिन आंधी इतना तेज था कि फार्म का ढांचा तेज आंधी के झोंकों को बर्दाश्त नहीं कर सका और देखते ही देखते जमींदोज हो गया, जिससे सभी बच्चे मलबे के नीचे दब गए। वहीं आवाज सुनकर आस-पास के ग्रामीण भारी संख्या में इकट्ठा हुए। ग्रामीणों ने अदम्य साहस और तत्परता दिखाते हुए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। अपनी जान जोखिम में डालकर ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को हटाया और नीचे दबे सभी बच्चों को बाहर निकाला। इस हादसे में कई बच्चों को मामूली चोटें आई हैं, जिनका स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार किया गया। हालांकि, तीन बच्चों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उन्हें बेहतर और आपातकालीन इलाज के लिए तुरंत चित्तरंजन स्थित केजी (K.G.) अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में जुटी हुई है।
