द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह के चाइना मोड़ स्थित वेंकटेश्वर प्लांट में सोमवार देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे में प्लांट कर्मी की मौत हो गई। मृतक की पहचान धनबाद जिले के निरसा निवासी राज किशोर सिन्हा के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 20 वर्षों से प्लांट में कार्यरत थे और प्लांट परिसर स्थित कुटिया मंदिर गेस्ट हाउस में रहते थे। हादसे के बाद शव को कथित तौर पर बोरे में रखकर अस्पताल पहुंचाने के आरोप ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। मृतक के परिजनों के मुताबिक, देर रात थाना से फोन आने के बाद वे प्लांट पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि रेक से माल खाली कराने के दौरान राज किशोर सिन्हा टॉर्च की रोशनी से हाईवा चालक को वाहन साइड करने का संकेत दे रहे थे। इसी दौरान हाईवा की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

परिजनों ने लगाया अमानवीय व्यवहार का आरोप
परिजनों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि इतने बड़े औद्योगिक परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं थी, जिसके चलते दुर्घटना हुई। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद प्लांट कर्मियों ने शव को बोरे में भरकर गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया, जो बेहद अमानवीय और संवेदनहीन व्यवहार है।

मुआवजे और निष्पक्ष जांच की मांग
घटना की सूचना मिलते ही बार एसोसिएशन के महासचिव एवं भाजपा नेता चुन्नू कांत और माले नेता राजेश सिन्हा सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और प्लांट प्रबंधन से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। मृतक के भांजे आयुष रंजन ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए प्लांट प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए तथा मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।