द फॉलोअप डेस्क
साहिबगंज जिले में बे-मौसम बारिश और तेज़ हवाओं ने गेहूं और मकई की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। मार्च का महिना किसानों के लिए फसल कटाई की तैयारियों का समय होता है, लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। दरसल, साहिबगंज जिले के दियारा क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसल तेज़ आंधी और बारिश के कारण बिछ गई, जिससे दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि इस बार मकई और गेहूं के दाने कमजोर और छोटे रह गए हैं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है।

इस बार लगभग हजारों एकड़ जमीन पर मकई और गेहूं की बुवाई की गई थी। किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया, जिससे उनकी फसल की गुणवत्ता प्रभावित होगी। अनुमान है कि इस साल गेहूं के उत्पादन में गिरावट हो सकती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। साहिबगंज के किसान मौसम की इस मार से बेहद परेशान हैं। खेतों में पड़ी फसल को देखकर किसान हताश हैं, क्योंकि लागत निकालना भी मुश्किल नजर आ रहा है। किसान सरकार से मांग कर रहे हैं कि इस प्राकृतिक आपदा को देखते हुए उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों ने बताया कि हमने पूरे साल मेहनत की, लेकिन बारिश और आंधी ने हमारी पूरी फसल खराब कर दी। हमें सरकार द्वारा मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
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