रांची:
केंद्रीय जनजातीय कल्याण मंत्रालय की पहल पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा झारखंड की 1898 लड़कियों का चयन विशेष प्रशिक्षण के लिए किया गया है। इनमें से 822 लड़कियों के पहले बैच को बुधवार को हुसूर (तमिलनाडु) के लिए रवाना किया गया। हुसूर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट में इन लड़कियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने लड़कियों को लेकर जा रहे विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर हटिया रेलवे स्टेशन से रवाना किया।
— Arjun Munda (@MundaArjun) September 27, 2022
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्लांट में मिलेगी ट्रेनिंग
गौरतलब है कि केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय की पहल पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा एक भर्ती अभियान के जरिए झारखंड के खूंटी, सरायकेला-खरसावां, चाईबासा और सिमडेगा की कुल 1898 लड़कियों का चयन ट्रेनिंग के लिए किया गया। 2 दिन तक चले भर्ती अभियान में कुल 2600 से अधिक लड़कियों और युवतियों ने हिस्सा लिया था। केंद्रीय मंत्रीअर्जुन मुंडा ने बताया कि पहली खेप में 822 लड़कियों को भेजा गया है। शेष लड़कियों को अगले समूह में भेजा जाएगा। हटिया रेलवे स्टेशन से रवाना हुई विशेष ट्रेन में सवार चयनित लड़किया काफी खुश और उत्साहित नजर आईं। कहा कि ये हमारे लिए सुनहरा मौका है।

झारखंड के 4 जिलों से किया गया है चयन
इस दौरान द फॉलोअप से विशेष बातचीत में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड के पिछड़े जिलों में रहने वाले निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार की लड़कियों को रोजगार का अवसर देने के उद्देश्य से हमारे मंत्रालय ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर ये अभियान शुरू किया है। प्रारंभिक चरण में 4 जिलों से तकरीबन 2 हजार बच्चियों का चयन ट्रेनिंग के लिए किया गया। ट्रेनिंग पूरा करने के पश्चात उनको नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में व्याप्त बेरोजगारी की समस्या से निपटने में भी सहायता मिलेगी। अर्जुन मुंडा ने कहा कि राज्य में रोजगार की तलाश में पलायन जैसी समस्या से भी निजात मिल सकेगी।

मानव तस्करी पर चोट करेगा ये अभियान!
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड के आदिवासी बहुल जिलों में बेरोजगारी और पलायन के साथ-साथ मानव तस्करी भी एक बड़ी समस्या है। राज्य की मासूम बच्चियों को दूसरे प्रदेशों में बेच दिया जाता है। उनसे अमानवीय परिस्थितियों में काम करवाया जाता है। ऐसी घटनाएं दुख पहुंचाती है। मुझे पूरी उम्मीद है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सहयोग से हमारे मंत्रालय की ये पहल मानव तस्करी की समस्या पर भी गहरा चोट करेगी। बेटियां राज्य के विकास में योगदान देंगी।