रांची
जनजातीय और स्वदेशी अध्ययन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. अभय सागर मिंज को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ग्लोबल अवॉर्ड के लिए चुना गया है। इस उपलब्धि के बाद उन्होंने झारखंड विधानसभा पहुंचकर अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो से शिष्टाचार मुलाकात की, जहां उन्हें शॉल और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा कि डॉ. मिंज की यह उपलब्धि न केवल राज्य बल्कि पूरे समाज के लिए गौरव की बात है। उन्होंने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज को नई दिशा देते हैं और जनजातीय समुदायों के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मिलेगा सम्मान
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 15 मई 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रदान किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान बागमती यूनेस्को क्लब द्वारा दिया जा रहा है, जो वैश्विक स्तर पर हाशिए पर पड़े समुदायों के सशक्तिकरण और उनकी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए कार्य करने वाले विद्वानों को सम्मानित करता है। डॉ. मिंज को यह सम्मान उनके निरंतर प्रयासों, शोध कार्य और आदिवासी समुदायों के विकास के प्रति समर्पण को देखते हुए दिया जा रहा है। समाज के प्रति उनकी सक्रिय भूमिका और योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलना झारखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
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