द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा प्रखंड के नेशनल हाईवे 419 (NH-419) पर बुधुडीह के पास बने नए पुल की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस पुल से राहगीरों और स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी, वह अब ‘मौत का दरवाजा’ बन चुका है। स्थानीय निवासी किशोर मंडल और नसीम अंसारी ने आरोप लगाया कि पुल के निर्माण में गुणवत्ता की धज्जियां उड़ाई गई हैं। केवल एक महीने पहले तैयार हुए इस पुल को हाल ही में यातायात के लिए खोला गया था, लेकिन पहले ही प्रयोग में इसकी असलियत सामने आ गई। पुल में इतनी गहरी दरारें हैं कि नीचे की सड़क साफ नजर आती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस्तेमाल किया गया सीमेंट और गिट्टी इतना कमजोर है कि उसे हाथ से भी तोड़ा जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने विभाग और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुल का निर्माण दिन के उजाले में नहीं बल्कि रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से किया गया। भारी वाहन गुजरते ही पूरा ढांचा कांपने लगता है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि फाइलों में काम पूरा दिखाने के चक्कर में सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रखा गया। सोमवार को रऊफ अंसारी और दर्जनों ग्रामीणों ने पुल पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला उपायुक्त से मांग की कि इस घटिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि इस ‘मौत के जाल’ की मरम्मत से काम नहीं चलेगा; इसे ध्वस्त कर मानक के अनुरूप दोबारा बनाया जाए ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान पर खतरा न आए।
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