द फॉलोअप डेस्क
ईरान-इजराइल के बीच चल रही संघर्ष के वजह से मिडिल-ईस्ट में उथल पुथल मची हुई है। ईरान की राजधानी तेहरान में हायर एजुकेशन के लिए गए पलामू जिला के हुसैनाबाद नगर पंचायत क्षेत्र के सैयद टोली मोहल्ला के 3 छात्र फंसे हुए हैं। इन छात्रों में सैयद जिशान हुसैन, सैयद सलमान हुसैन और जिशान हुसैन शामिल हैं। बच्चों के विदेशों में फंसे होने के कारण परिजन चिंतित हैं। परिजनों ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से उन्हें स्वदेश लाने की गुहार लगाई है।

इसी बीच पलामू जिले के हुसैनाबाद शहरी क्षेत्र में रविवार की रात्रि 8 बजे मुस्लिम समाज के लोगों ने ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामेनई की कथित हत्या के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। जुलूस की शुरुआत सदर इमामबाड़ा से की गई, जो शहर के मुख्य बाजार, गांधी चौक, अंबेडकर चौक होते हुए जेपी चौक पर पहुंचकर एक शोक सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब समय आ गया है कि दमनकारी ताकतों के खिलाफ पूरी दुनिया एकजुट होकर अपनी आवाज को बुलंद करे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खामेनई की शहादत से ईरान का हौसला टूटने वाला नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि अंततः ईरान की जीत होगी और अब वक्त आ गया है कि फिलिस्तीन को पूर्ण रूप से आजाद कराया जाए।