जामताड़ा:
Jamtara News: जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के मेझिया पंचायत अंतर्गत मेझिया गांव से सरकारी योजनाओं (Government Schemes) के लाभ से वंचित 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला सावित्री राय का मामला सामने आया है। पति के निधन के बाद अकेले जीवन गुजार रहीं सावित्री राय को सरकारी राशन (Government Ration) के अलावा अब तक किसी जनकल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका है। उनका कहना है कि वृद्धावस्था और विधवा पेंशन (Old Age Pension) के साथ-साथ आवास योजना (Housing Scheme) का लाभ लेने के लिए उन्होंने पंचायत से लेकर प्रखंड कार्यालय तक कई बार चक्कर लगाए, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।

पंचायत से प्रखंड कार्यालय तक लगाए चक्कर
बांग्ला भाषा में अपनी परेशानी बताते हुए सावित्री राय ने कहा कि जब उनके पति जीवित थे, तभी से वह वृद्धावस्था पेंशन के लिए पंचायत सचिवालय और प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा रही थीं। करीब दो वर्ष पहले पति के निधन के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अब उन्हें विधवा पेंशन का लाभ मिलेगा। इसके लिए उन्होंने आवेदन भी किया और संबंधित कर्मचारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें पेंशन नहीं मिल सकी। सावित्री राय ने आवास योजना का लाभ लेने के लिए भी कई बार प्रयास किया। उनका आरोप है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह कथित तौर पर मांगी गई ‘सुविधा शुल्क’ की राशि देने में सक्षम नहीं थीं। इसी वजह से उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका।
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जर्जर मिट्टी के घर में रहने को मजबूर
सावित्री राय फिलहाल एक जर्जर मिट्टी के घर में रहने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में घर की छत से पानी न टपके, इसके लिए आसपास के ग्रामीण आपस में चंदा जुटाकर उनके घर पर तिरपाल और पंडाल लगाते हैं। सरकारी राशन तो उन्हें मिल जाता है, लेकिन उसे पकाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें खुद मेहनत करनी पड़ती है। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह गाय चराने और गोबर से गोइठा (उपले) बनाने का काम करती हैं। गोइठा बेचकर मिलने वाली रकम से वह अपना गुजारा करती हैं।
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सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद, फिर भी योजनाओं से वंचित
सावित्री राय के पास आधार कार्ड और वोटर कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं। उनका कहना है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान सरकारी कर्मचारी उनके घर पहुंचे थे। उस समय उन्हें उम्मीद जगी थी कि अब शायद पेंशन और आवास योजना का लाभ मिल जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों के सामने अपनी परेशानी भी रखी, लेकिन उनका कहना है कि कर्मचारी औपचारिकता पूरी कर लौट गए। सावित्री राय का कहना है कि वह हर चुनाव में सबसे पहले मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करती हैं। उनका सवाल है कि जब वह एक नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं, तो उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ क्यों नहीं मिल रहा है। उनकी रिश्ते में पोती लगने वाली मीना राय ने भी बताया कि सावित्री राय को सरकारी राशन के अलावा किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलता है।
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स्वास्थ्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र का मामला
सावित्री राय का घर मेझिया चौक से करीब 100 मीटर की दूरी पर मुख्य सड़क के किनारे स्थित है। यह मामला झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और जामताड़ा विधायक डॉ. इरफान अंसारी के विधानसभा क्षेत्र का है। ग्रामीणों के मुताबिक, मुख्य सड़क के किनारे होने के बावजूद अब तक उनकी स्थिति पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं गया है। अब देखना होगा कि मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि सावित्री राय की स्थिति का संज्ञान लेते हैं या नहीं और उन्हें पात्रता के अनुसार पेंशन, आवास समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाता है या नहीं।