द फॉलोअप डेस्क
चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड से एक बेहद मार्मिक घटना सामने आई है। सिमरडीह गांव में एक हिरण की दर्दनाक मौत उस समय हो गई, जब वह प्यास बुझाने के लिए जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंचा और कंटीले तारों की बाड़ में फंस गया। भीषण गर्मी के चलते जंगलों के जलस्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं। ऐसे में जंगली जानवर पानी की तलाश में गांवों की ओर रुख करने को मजबूर हैं। इसी क्रम में यह हिरण भी आबादी वाले इलाके में आ गया, लेकिन खेतों में लगाए गए कटीले तार उसके लिए जानलेवा साबित हुए।

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, हिरण लंबे समय तक तारों में फंसा छटपटाता रहा, लेकिन समय पर उसे बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि वन विभाग द्वारा जंगलों में पानी की समुचित व्यवस्था की गई होती, तो जानवरों को गांवों की ओर नहीं आना पड़ता। ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर साल गर्मी के मौसम में इस तरह की घटनाएं होती हैं, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। घटना की सूचना मिलते ही कोलहिया राजपुर वन प्रक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची और हिरण के शव को कब्जे में लेकर वन कार्यालय ले गई। वनरक्षी अवधेश कुमार, आशीष लाल, कृष्णमोहन कुमार दास और प्रदीप पासवान ने आवश्यक कार्रवाई की। वन क्षेत्र पदाधिकारी अजीत राम ने बताया कि हिरण के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि होगी। इसके पश्चात नियमानुसार अवशेषों को जंगल में ही सुपुर्द किया जाएगा।
